Dhamtari. धमतरी। छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर धमतरी जिले में तीन दिवसीय जिला स्तरीय राज्योत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक अजय चंद्राकर ने किया। आयोजन का स्थल डॉ. शोभाराम शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का खेल मैदान रहा, जहाँ जिलेभर से आए कलाकारों, विभागीय अधिकारियों, स्व-सहायता समूहों और नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर विधायक अजय चंद्राकर ने आयोजन स्थल का भ्रमण कर विभिन्न विभागों एवं स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों और समूहों के सदस्यों से बातचीत कर उनके उत्पादों और योजनाओं की जानकारी ली।
राज्योत्सव में दिखी लोकसंस्कृति की झलक
तीन दिवसीय इस राज्योत्सव का उद्देश्य प्रदेश की लोकसंस्कृति, लोककला, लोकनृत्य और पारंपरिक संगीत को बढ़ावा देना है। इस दौरान मंच पर छत्तीसगढ़ की विविध लोक विधाओं — पंथी, करमा, राऊत नाचा और सुवा नृत्य की शानदार प्रस्तुतियाँ हुईं। महिलाओं के स्व-सहायता समूहों द्वारा पारंपरिक व्यंजन, हस्तशिल्प और बांस उत्पादों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। विधायक अजय चंद्राकर ने इस अवसर पर कहा कि राज्योत्सव केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी पहचान का उत्सव है। यह छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं, मेहनतकश लोगों और उनकी जीवंत संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने बीते 25 वर्षों में विकास, स्वाभिमान और संस्कृति के संरक्षण का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
स्थानीय उत्पादों और आत्मनिर्भरता पर जोर
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से लगाए गए स्टॉलों में राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी गई। स्व-सहायता समूहों ने अपने द्वारा तैयार उत्पादों की बिक्री की, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और ‘आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ के लक्ष्य को बल मिला। विधायक चंद्राकर ने महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आज ग्रामीण महिलाएं अपने हुनर से आत्मनिर्भर बन रही हैं और सरकार उनके उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने में सहयोग कर रही है।
जनभागीदारी से बढ़ा उत्सव का उत्साह
राज्योत्सव में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ, कलाकार और नागरिक शामिल हुए। मंचीय कार्यक्रमों में जिले के विभिन्न विद्यालयों और सांस्कृतिक संस्थाओं के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। उत्सव स्थल पर लगी रंग-बिरंगी झाँकियाँ, पारंपरिक सजावट और लोकनृत्य प्रदर्शन ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। तीन दिवसीय यह आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का गौरवपूर्ण प्रतीक है। विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने और परंपराओं को जीवित रखने में ऐसे आयोजनों की अहम भूमिका है। उन्होंने सभी नागरिकों से राज्य की संस्कृति, कला और परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
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