रायपुर। सीबीआई ने पांच हजार करोड़ के महादेव सट्टेबाजी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तीन फोन जब्त किए हैं। उनकी फारेंसिक जांच की जाएगी। इस मामले में सीबीआई की कार्रवाई गुरुवार दूसरे दिन भी जारी रही।
एएसपी अभिषेक माहेश्वरी के रायपुर और राजनांदगांव स्थित आवास में टीम ने छापेमारी की। पहले दिन दोनों जगहों पर कोई नहीं था, इसलिए घर को सील किया गया था। गुरुवार को उनकी उपस्थित होने पर सीबीआई उनके तीनों जगह के मकानों की जांच करने दोबारा पहुंची।
15 घंटों तक चली छापेमारी
इसके अलावा सीबीआई ने गुरुवार को दो एसआइ सहित चार पुलिसकर्मियों को सीबीआई दफ्तर तलब कर पूछताछ की है। सीबीआई ने बुधवार को बघेल के भिलाई स्थित आवास में 15 घंटों तक चली छापेमारी के दौरान फोन जब्त किए थे।
जांच एजेंसी ने जेल में बंद उनकी उपसचिव रहीं सौम्या चौरसिया के करीबी माने जाने वाले जगदलपुर में तैनात पुलिसकर्मी सूरज कश्यप, भिलाई क्राइम ब्रांच के तत्कालीन एएसआइ पूर्ण बहादुर टिर्की, एएसआइ सम्मित मिश्रा और भिलाई छावनी थाने में तैनात अमित दुबे को रायपुर सीबीआई कार्यालय बुलाकर पूछताछ की है। उनके निवास पर भी टीम ने एक दिन पहले दबिश दी थी।
आइपीएस अभिषेक पल्लव के निवास पर हुई छापेमारी
बुधवार को आइपीएस अभिषेक पल्लव के निवास से हार्ड डिस्क के साथ मोबाइल जब्त किया गया। कार्रवाई के दौरान जब्त इलेक्ट्रानिक के साथ मोबाइल और डिजिटल साक्ष्य की जांच सीबीआई अपने फारेंसिक लैब में करेगी। जांच में तीन साल तक का डाटा रिकवर किया जाएगा।
सीबीआई आइपीएस आनंद छावड़ा, आरिफ शेख, प्रशांत अग्रवाल और अभिषेक पल्लव को एक-एक कर दफ्तर बुलाकर पूछताछ करेगी। वहीं सभी संपत्ति की भी जानकारी जांच एजेंसी जुटा रही है।
भूपेश बघेल और CM साय आमने-सामने
सीबीआई की कार्रवाई के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आमने-सामने हैं। बघेल ने इंटरनेट मीडिया एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि प्रधानमंत्री का 30 मार्च को छत्तीसगढ़ में आगमन हो रहा है। इसलिए सीबीआई छापे के जरिए उनके भाषण के लिए सामग्री तैयार कर रही है।
बघेल ने केंद्र और राज्य सरकार पर महादेव एप और संचालकों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। कहा कि छापे वहीं डाले गए, जिन्होंने महादेव एप के खिलाफ कार्रवाई की थी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पर बघेल का निशाना
बघेल ने कहा कि महादेव एप के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई। तंज कसा कि सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई में कथावाचक प्रदीप मिश्रा के यजमान बने थे। यदि सरकार चाहे तो प्रदीप मिश्रा से मदद ले लेती। वे एक मंत्र फूंकते और तुरंत उनको दुबई से भारत ले आते, लेकिन वह भी नहीं हो पाया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस मामले में जो भी शामिल होगा, चाहे कोई भी हो, कार्रवाई तय है।