Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Knock India
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Knock India
    Home » Blog » मप्र में फिर से सक्रिय होगी राज्य शिक्षा सेवा
    राज्य

    मप्र में फिर से सक्रिय होगी राज्य शिक्षा सेवा

    News DeskBy News DeskJanuary 31, 2025No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    मप्र में फिर से सक्रिय होगी राज्य शिक्षा सेवा
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    भोपाल। मप्र में 11 साले पहले स्कूल शिक्षा विभाग के अकादमिक और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए जिसे राज्य शिक्षा सेवा को लागू किया गया था, एक बार फिर से उसे सक्रिय किया जाएगा।  सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। राज्य शिक्षा सेवा के अधीन किस प्रकार एरिया एज्युकेशन का निर्धारण किया जा सके। इसकी कमान स्कूल शिक्षा विभाग ने लोक शिक्षण संचालनालय डायरेक्टर केके द्विवेदी को सौंपी है। उनके द्वारा संभागवार जिलों के मौजूदा विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को कम्प्युटर ऑपरेटरी सहित बुलाया जा रहा है। कम्प्युटर में हर ब्लॉको के मैप के आधार पर भौगोलिक स्थिति को समझा जा रहा है।
    गौरतलब है कि तकरीबन एक दशक पूर्व स्कूल शिक्षा विभाग ने जिस राज्य शिक्षा सेवा को लागू किया था। उसे अस्तित्व में लागू करने की तैयारियां की जा रही है। इसके लिए पूरे राज्य के विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को राजधानी बुलाया जा रहा है। जिनसे एरिया एज्युकेशन ऑफीसर (एईओ) निर्धारण की भौतिक संरचना समझी जा रही है। वर्ष 2013 में स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य शिक्षा सेवा को लागू किया था। इसका बाकायदा राजपत्र में प्रकाशन किया गया था। अभी डिपार्टमेंट राज्य शिक्षा केन्द्र और लोक शिक्षण जैसी इकाईयों के सहारे प्रदेश की स्कूल शिक्षा पर नियंत्रण कर रहा है। इसमें पहली से आठवी तक राज्य शिक्षा केन्द्र और नवी से बारहवीं तक की अध्यापन व्यवस्था लोक शिक्षण संचालनालय संभालता आ रहा है।

    कमिश्नरों के बीच टकराव की स्थिति
    चूंकि राज्य शिक्षा केन्द्र के पास सिर्फ अकादमिक कंट्रोलिंग अॅथारिटी है। शिक्षकों के तबादलों से लेकर अन्य कोई अधिकार नहीं हैं। नतीजतन दोनों ही इकाईयों में कमिश्नरों के बीच निरंतर टकराव की स्थिति भी बनती रही है। इसलिए राज्य शिक्षा सेवा के विकल्प को लाया गया था। इस नवीन मसौदे में दोनों इकाईयों को मर्ज किया जाना था। पहली से बारहवीं कक्षाओं तक अकादमिक और प्रशासनिक व्यवस्था लोक शिक्षण संचालनालय के अधीन ही रहना थी। इसमें एक ही कमिश्नर होना था। जिस सहायक संचालक को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बैठाया जाता रहा है। उसे ब्लॉक में शिफ्ट करना था। इन सभी बिंदुओं का निर्धारण किया जा रहा है। हालांकि द्विवेदी अभी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। चयनित एईओ अभ्यर्थी संघ प्रमोद सिंह पवार का कहना है कि यह योजना प्रदेश की शिक्षा के गुणात्मक विकास में मील का पत्थर साबित होगी। हमारी मांग है कि पूर्व में कराई गई परीक्षा में जो चयनित अभ्यची है, उन्हीं को एईओ के पद पर पदस्थ किया आना चाहिए।

    कानूनी दावं-पेंच में फंस गया था मामला
    जब साल 2013 में राज्य शिक्षा सेवा को लागू किया गया था। तब विभाग ने 3 हजार 256 पदों पर एरिया एज्युकेशन ऑफीसर की परीक्षा कराई थी। इसमें हेडमास्टरों से लेकर प्राचार्य शामिल हुए थे। करीब 3500 अभ्यार्थी चयनित हुए है। इन्हीं को एरिया एज्युकेशन बनाकर मैदानी स्तर पर शिक्षा का नियंत्रण करना था। तब पुराने प्राचार्य और लेक्चरार विरोध में आये थे। क्योंकि परीक्षा में अध्यापक भी शामिल हुए थे, लेकिन इन्हें आहरण संवितरण के कोई अधिकार नहीं थे। तब मामला कानूनी दावं-पेंच में फंस गया था। तभी से राज्य शिक्षक सेवा का मसौदा भी उलझन में पड़ा रहा।  शासकीय शिक्ष संघ के राकेश दूई का कहना है कि हम शुरू से ही वही मांग कर रहे हैं कि राज्य शिक्षा सेवा में जी सिस्टम तैयार हो रहा है, वह पारदर्शी होना चाहिए। नीति के साथ नीयत भी अच्छी होना चाहिए, तभी यह मसौदा चरातल पर सफल हो पाएगा। अध्यक्ष मप्र राज्य कर्मचारी संघ हेमंत श्रीवास्तव का कहना है कि राज्य शिक्षा सेवा में जिस एईओं व्यवस्था को लाया जा रहा है, उससे निश्चित तौर पर प्रशानिक कसावट होगी। शिक्षा के स्तर में सुधार होगा। निचले कैहर को समय पर शासन की सभी सुविधा मिलेगी।

    News Desk

    Related Posts

    क्या भविष्य में विद्यालयों से पूरी तरह गायब हो जाएंगे शिक्षक? : गौरीशंकर गुप्ता

    September 3, 2026

    दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए और अधिक प्रयास जरूरी – राज्यपाल रमेन डेका…..

    September 3, 2026

    महिलाओं के संपत्ति अधिकार को मजबूत कर रही विष्णु भैया की सरकार, रजिस्ट्री में मिल रही 50 प्रतिशत की छूट……

    September 3, 2026

    विद्यार्थियों का कल्याण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हो विश्वविद्यालयों की सर्वाेच्च प्राथमिकता – राज्यपाल रमेन डेका…..

    September 3, 2026

    सेवानिवृत्त अधिकारी/कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति दिवस पर ही मिला पेंशन भुगतान आदेश,कलेक्टर ने किया सम्मान

    September 2, 2026

    नोनी सुरक्षा योजना से कौशिल्या की बेटी के भविष्य को मिला आर्थिक संबल, एक लाख रुपये के बॉन्ड से बढ़ा भरोसा, बेटी की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की बनी मजबूत नींव…..

    September 2, 2026
    RO.NO.= 13954/ 80
    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - KHURSHID ALAM
    मोबाइल - 07828272058
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Near Ratan Bhawan Phool Chowk Nayapara,CSEB Road Raipur (C.G.)
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.