Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Knock India
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Knock India
    Home » Blog » क्या भविष्य में विद्यालयों से पूरी तरह गायब हो जाएंगे शिक्षक? : गौरीशंकर गुप्ता
    छत्तीसगढ़

    क्या भविष्य में विद्यालयों से पूरी तरह गायब हो जाएंगे शिक्षक? : गौरीशंकर गुप्ता

    Knock IndiaBy Knock IndiaSeptember 3, 2026No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    क्या भविष्य में विद्यालयों से पूरी तरह गायब हो जाएंगे शिक्षक? : गौरीशंकर गुप्ता
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    घरघोड़ा (रायगढ़)। भारतीय संस्कृति में “गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरा” जैसे पौराणिक मंत्रों के साथ शिक्षक को ईश्वर से भी ऊंचा दर्जा दिया गया है। देश में अज्ञानता का अंधकार दूर कर ज्ञान की रोशनी फैलाने वाले शिक्षकों का आदर आदि-अनादि काल से होता रहा है। हालांकि, रायगढ़ जिले के घरघोड़ा निवासी वरिष्ठ लेखक गौरीशंकर गुप्ता ने एक विचारोत्तेजक आलेख के माध्यम से वर्तमान शिक्षा प्रणाली और तेजी से बदलती तकनीक पर बड़ा सवाल उठाया है। उनका मानना है कि जिस तरह से बदलाव हो रहे हैं, संभव है कि आने वाले समय में बच्चों को इतिहास की किताबों में पढ़ना पड़े कि कभी स्कूलों में इंसानी शिक्षक पढ़ाया करते थे।

    आजाद भारत के शुरुआती दौर से लेकर अब तक शिक्षा के क्षेत्र में कई प्रयोग किए गए। इसमें से कुछ सफल रहे तो कुछ पूरी तरह विफल। शिक्षाविदों का मानना है कि अंग्रेज शासक लॉर्ड मैकाले द्वारा लागू की गई शिक्षा पद्धति ने भारत की प्राचीन ज्ञान-विज्ञान परंपरा को गहरा नुकसान पहुंचाया।

    लेखक के अनुसार, मैकाले ने भारत के वास्तविक ज्ञान ढांचे को नष्ट कर अपने औपनिवेशिक हितों के अनुरूप बदलाव किए। आजादी के बाद तमाम सुधारों के बावजूद आज का शिक्षित समाज मैकाले के प्रभाव से पूरी तरह मुक्त नहीं हो पाया है। यही कारण है कि आज के इस साइंस युग में न तो एकलव्य जैसा समर्पित शिष्य मिलता है और न ही चाणक्य या अरस्तू जैसा दूरदर्शी गुरु। वर्तमान समय में शिक्षा केवल नौकरी पाने और जीविकोपार्जन का साधन मात्र बनकर रह गई है।

    आलेख में पूर्ववर्ती मध्य प्रदेश शासन के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल का भी उल्लेख किया गया है। उस समय दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए ‘शिक्षाकर्मी’ और ‘शिक्षामित्र’ जैसे अर्धशासकीय पदों का सृजन किया गया था। इस योजना से हजारों बेरोजगार युवाओं को रोजगार तो मिला और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल भी खुले, लेकिन समान कार्य के बावजूद इन कर्मचारियों का अधिकांश जीवन वेतन विसंगति दूर कराने और नियमितीकरण की मांग में ही बीत गया।

    आज के बदलते शैक्षणिक परिदृश्य पर चिंता जताते हुए यह सवाल उठाया गया है कि क्या भविष्य में शिक्षा का अर्थ केवल किताबी ज्ञान या डिग्री हासिल करना ही रह जाएगा? जिस तेजी से शिक्षा का डिजिटलीकरण हो रहा है, उससे आने वाले समय में बच्चे घरों पर ही कंप्यूटर व स्क्रीन के जरिए पढ़ते नजर आएंगे। ऐसे में बिना शिक्षक के स्कूल संचालित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जो भारतीय समाज में उच्च नैतिक मूल्यों के निर्माण के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

    Knock India

    Related Posts

    दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए और अधिक प्रयास जरूरी – राज्यपाल रमेन डेका…..

    September 3, 2026

    महिलाओं के संपत्ति अधिकार को मजबूत कर रही विष्णु भैया की सरकार, रजिस्ट्री में मिल रही 50 प्रतिशत की छूट……

    September 3, 2026

    विद्यार्थियों का कल्याण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हो विश्वविद्यालयों की सर्वाेच्च प्राथमिकता – राज्यपाल रमेन डेका…..

    September 3, 2026

    सेवानिवृत्त अधिकारी/कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति दिवस पर ही मिला पेंशन भुगतान आदेश,कलेक्टर ने किया सम्मान

    September 2, 2026

    नोनी सुरक्षा योजना से कौशिल्या की बेटी के भविष्य को मिला आर्थिक संबल, एक लाख रुपये के बॉन्ड से बढ़ा भरोसा, बेटी की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की बनी मजबूत नींव…..

    September 2, 2026

    छत्तीसगढ़ महिला कोष से मिले ऋण ने हरमनिया देवी की आजीविका को दी नई दिशा, आकांक्षा स्व-सहायता समूह को मिला एक लाख रुपये का ऋण, किराना-सिंगार दुकान से बढ़ी आमदनी……

    September 2, 2026
    RO.NO.= 13954/ 80
    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - KHURSHID ALAM
    मोबाइल - 07828272058
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Near Ratan Bhawan Phool Chowk Nayapara,CSEB Road Raipur (C.G.)
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.