Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Knock India
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Knock India
    Home » Blog » पत्नी की सहमति के बिना अननेचुरल सेक्स करना अपराध नहीं, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
    छत्तीसगढ़

    पत्नी की सहमति के बिना अननेचुरल सेक्स करना अपराध नहीं, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

    News DeskBy News DeskFebruary 13, 2025No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    पत्नी की सहमति के बिना अननेचुरल सेक्स करना अपराध नहीं, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पत्नी के साथ सेक्सुअल रिलेशन के एक मामले में अहम टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि किसी बालिग पत्नी के साथ सहमति के साथ या फिर उसके बिना यौन संबंध बनाने के लिए पति पर रेप या अप्राकृतिक संबंध का आरोप नहीं लगाया जा सकता है. सेक्सुअल रिलेशन बनाना या अप्राकृतिक संबंध में पत्नी की सहमति जरूरी नहीं है.

    टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को सुनाए अपने फैसले में कोर्ट ने एक शख्स पर लगाए आरोपों को खारिज कर दिया. इसके साथ ही आरोपी को आईपीसी की धारा 376, 377 और 304 से बरी कर दिया और जेल से उसकी फौरन उसकी रिहाई का आदेश दिया.

    कोर्ट ने क्या कहा
    अदालत ने कहा कि अगर पत्नी की उम्र 15 साल से कम नहीं है, तो पति का अपनी पत्नी के साथ किए गए किसी भी सेक्सुअल एक्ट को ऐसी परिस्थितियों में रेप नहीं कहा जा सकता है. ऐसे में अप्राकृतिक यौन संबंध के लिए पत्नी की सहमति होने की जरूरी नहीं है. इसलिए अपीलकर्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 और 377 के तहत केस नहीं बनता है.
     जानें कोर्ट का फैसला?

    कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अगर पत्नी की उम्र 15 वर्ष से कम नहीं है तो पति द्वारा किसी भी यौन कृत्य को किसी भी परिस्थिति में बलात्कार नहीं कहा जा सकता है। इस तरह से अप्राकृतिक कृत्य के लिए पत्नी की सहमति के अभाव का महत्व खत्म हो जाता है। इस कारण अपीलकर्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 और 377 के तहत अपराध नहीं बनता है।

    कोर्ट ने कहा कि जहां तक अपीलकर्ता को धारा 304 के तहत दोषी ठहराया है, जो विकृति और पेटेंट अवैधता के अलावा और कुछ नहीं है। कोर्ट ने कहा कि ये इस अदालत के हस्तक्षेप के योग्य है। इस कारण कोर्ट ने अपीलकर्ता पति को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। कोर्ट ने पति को तुरंत जेल हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया है।

    जानें क्या है पूरा मामला?
    दरअसल कोर्ट में अपीलकर्ता मृतक-पीड़िता का पति है। Live Law के मुताबिक, अपीलकर्ता ने पीड़िता के साथ उसकी सहमति के विरुद्ध अप्राकृतिक यौन संबंध बनाया था। पीड़िता ने दर्द की शिकायत की थी और इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा मौत से पहले पीड़िता का बयान दर्ज किया गया था। पीड़िता ने बयान दिया था कि पति द्वारा जबरन यौन संबंध बनाने के कारण वह बीमार हो गई थी। इसके बाद उसी दिन पीड़िता की मौत हो गई।

    ट्रायल कोर्ट ने माना था दोषी
    Bilaspur High court: ट्रायल कोर्ट ने पति को धारा 377 (अप्राकृतिक अपराध), 376 (बलात्कार के लिए सजा) और 304 (गैर इरादतन हत्या के लिए सजा) के तहत अपराध करने के लिए दोषी ठहराया था। इसके खिलाफ पति ने उच्च न्यायालय के समक्ष अपील दायर की थी।

    दरअसल, मृतक पीड़िता का पति 11 दिसंबर 2017 की रात को कथित तौर पर अपनी पत्नी की इच्छा के विरुद्ध उसके साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए. इसके बाद तबियत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस मामले में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज की गई और अपीलकर्ता के खिलाफ धारा 377 आईपीसी के तहत जुर्म दर्ज की गई. पीड़िता का मृत्यु पूर्व बयान एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने दर्ज किया, जिसमें उसने कहा कि वह अपने पति द्वारा जबरदस्ती किए गए यौन संबंध के कारण बीमार पड़ गई. उसी दिन उसकी मृत्यु हो गई.

    साक्ष्यों का मूल्यांकन करने के बाद ट्रायल कोर्ट ने अपीलकर्ता को आईपीसी की धारा 377 (अप्राकृतिक अपराध), 376 (बलात्कार के लिए सजा) और 304 (हत्या के लिए दोषी न होने वाली गैर इरादतन हत्या के लिए सजा) के तहत दोषी ठहराया. उन्हें डिफॉल्ट शर्तों के साथ 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई. इस फैसले के खिलाफ उन्होंने उच्च न्यायालय के समक्ष आपराधिक अपील दायर की.

    मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि धारा 375, 376 और 377 आईपीसी के अवलोकन से यह बिल्कुल स्पष्ट है कि धारा 375 आईपीसी की संशोधित परिभाषा के मद्देनजर पति और पत्नी के बीच धारा 377 आईपीसी के तहत अपराध का कोई स्थान नहीं है. इस तरह बलात्कार नहीं किया जा सकता है. धारा 375 आईपीसी के अपवाद 2 पर जोर देते हुए न्यायालय ने फैसला सुनाया कि एक पुरुष और उसकी पत्नी के बीच यौन संबंध या यौन क्रियाएं यदि पत्नी 15 वर्ष से अधिक उम्र की है तो बलात्कार नहीं माना जाता है. नतीजतन भले ही एक पति अपनी वयस्क पत्नी के साथ धारा 377 आईपीसी के तहत परिभाषित अप्राकृतिक यौन संबंध बनाता है, यह अपराध नहीं माना जाता है.

    न्यायालय ने धारा 304 आईपीसी के तहत अपीलकर्ता की दोषसिद्धि के संबंध में इसे “विकृत” माना और टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा, आईपीसी की धारा 304 के तहत अपराध मामले के वर्तमान तथ्यों से कैसे जुड़ा है और अभियोजन पक्ष द्वारा कैसे साबित किया गया है, फिर भी इसने अपीलकर्ता को धारा 304 आईपीसी के तहत दोषी ठहराया है, जो विकृति और स्पष्ट अवैधता के अलावा और कुछ नहीं है, जिस पर इस न्यायालय द्वारा हस्तक्षेप किया जाना चाहिए.” कोर्ट ने अपीलकर्ता को सभी आरोपों से बरी करते हए उसे जेल से रिहा करने का आदेश दिया.

    News Desk

    Related Posts

    नदी किनारे के 152 गांवों में बदलेगा खेती का गणित, धान के साथ बढ़ेंगे आय के नए विकल्प….

    September 3, 2026

    कवर्धा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले जिले के प्रथम छात्र हिमांशु को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने फोन कर दी बधाई एवं शुभकामनाएं….

    September 3, 2026

    वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रोत्साहन से रायगढ़ की बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान, सोनम, शांति और मानसी ने भारतीय महिला लैक्रॉस टीम के साथ मलेशिया में जीता कांस्य पदक…..

    September 3, 2026

    सारंगढ़-बिलाईगढ़ में जल-क्रांति, समृद्ध किसान – सशक्त को कर रहा है साकार……

    September 3, 2026

    घरघोड़ा में इंजीनियर पर खाना, किराना सामान और मकान किराए का भुगतान नहीं करने का आरोप, तीन लोगों ने की शिकायत

    September 3, 2026

    अवैध खनन एवं परिवहन पर साय सरकार की सख्ती, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई….

    September 3, 2026
    RO.NO.= 13954/ 80
    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - KHURSHID ALAM
    मोबाइल - 07828272058
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Near Ratan Bhawan Phool Chowk Nayapara,CSEB Road Raipur (C.G.)
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.