गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा। Gharghoda Baroud Coal Mine Dispute में उस वक्त बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब बरौद खदान में ट्रेलर लाइन व्यवस्था को लेकर महेंद्र चौधरी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर घरघोड़ा SDM कार्यालय में त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की गई। बैठक में SDM, CSP, SDOP, थाना प्रभारी और SECL के सब एरिया मैनेजर की मौजूदगी में SECL अधिकारी ने जो खुलासा किया, उसने 18 अगस्त 2026 की पूरी घटना और शिकायत की विश्वसनीयता पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
SECL अधिकारी ने खोली कहानी की पोल
बरौद खदान के सब एरिया मैनेजर ने बैठक में स्पष्ट किया कि महेंद्र चौधरी पिछले लगभग चार वर्षों से खदान परिसर में आए ही नहीं हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी साफ किया कि 18 अगस्त 2026 को खदान में लाइन तोड़ने या अव्यवस्था फैलाने जैसी कोई घटना घटित ही नहीं हुई थी। अधिकारी के इस बयान के बाद महेंद्र चौधरी पर लगाए गए तमाम आरोप बेबुनियाद साबित होते नजर आ रहे हैं।
संघ की आड़ में वसूली पर प्रशासन की दो टूक
बैठक में महेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि ट्रेलर संघ की आड़ में सदस्यता शुल्क और पार्किंग टोकन के नाम पर वाहन मालिकों से कथित अवैध वसूली की जा रही है, जिसकी लिखित शिकायत उन्होंने पहले ही दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए CSP ने सतीश चौबे को कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की अवैध वसूली की शिकायत पाई जाती है, तो तत्काल FIR दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खदान में खत्म होगी यूनियन की मनमानी
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि SECL की खदानों में यूनियन के नाम पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत हस्तक्षेप नहीं चलेगा। एंट्री गेट पर दबाव बनाने वाले तत्वों को हटाने और वाहन मालिकों को किसी भी प्रकार का टोकन लेने के लिए बाध्य न करने की सख्त हिदायत दी गई। खदान की आंतरिक सुरक्षा और वाहनों की कतारबद्ध व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी अब केवल SECL प्रबंधन और सुरक्षा कर्मियों की होगी।
विरोध करने पर लगाए गए झूठे आरोप
अनौपचारिक वार्ता में महेंद्र चौधरी ने कहा कि वे सतीश चौबे द्वारा यूनियन के नाम पर की जा रही अवैध वसूली और गुंडागर्दी का विरोध कर रहे थे, इसी कारण उन्हें फंसाने के लिए झूठे आरोप लगाए गए। उन्होंने सभी गाड़ी मालिकों से अपील की है कि वे किसी भी फर्जी शिकायत पर बिना सोचे-समझे हस्ताक्षर करने से बचें, अन्यथा वे भी अनावश्यक कानूनी पचड़े में फंस सकते हैं।
