गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी से लगे रायगढ़ जिले में नाबालिग बच्चों की सुरक्षा और महिला संबंधी अपराधों पर पुलिस बेहद आक्रामक और संवेदनशील रुख अपनाए हुए है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत जूटमिल थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है।
पुलिस ने एक 15 वर्षीय नाबालिग बालिका को दो बार बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले जाने वाले 18 वर्षीय शातिर आरोपी अनुज स्वर्णकार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत प्रभावी कार्रवाई करते हुए उसे माननीय न्यायालय द्वारा न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पहली बार दबिश में फरार हुआ था आरोपी, दोबारा वारदात को दिया अंजाम
पुलिस से मिली प्रामाणिक जानकारी के अनुसार, पूरा मामला तब शुरू हुआ जब 30 जून 2026 को 15 वर्षीय बालिका अपने घर से बिना बताए लापता हो गई थी। परिजनों की रिपोर्ट पर जूटमिल थाने में अपराध क्रमांक 361/2026, धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। 11 जुलाई 2026 को पुलिस ने आरोपी अनुज स्वर्णकार के घर पर दबिश देकर बालिका को सकुशल दस्तयाब (बरामद) कर लिया, लेकिन पुलिस के आने की भनक लगते ही आरोपी अनुज फरार हो गया।
महिला पुलिस अधिकारी द्वारा बालिका के बयान और मेडिकल जांच के बाद मामले में दुष्कर्म (धारा 65(1)(ड) BNS) और 4, 6 पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। बाल कल्याण समिति (CWC) की काउंसलिंग के बाद बच्ची को माता-पिता को सौंपा गया था, लेकिन वह 13 जुलाई को फिर लापता हो गई।
रायगढ़ पुलिस ‘अभियान संवेदना’: केस प्रोफाइल और विधिक कार्रवाई
| केस विवरण का बिंदु | दर्ज एफआईआर और विधिक साक्ष्य की जानकारी |
| मुख्य आरोपी का नाम | अनुज स्वर्णकार (उम्र 18 वर्ष), निवासी रायगढ़ |
| पीड़िता की स्थिति | 15 वर्षीय नाबालिग (दो बार दस्तयाब की गई) |
| दर्ज एफआईआर संख्या | अपराध क्र. 361/2026 एवं 380/2026 (थाना जूटमिल) |
| लागू कानूनी धाराएं | धारा 137(2), 65(1)(ड) BNS एवं धारा 4, 6 पॉक्सो एक्ट |
| गिरफ्तारी का स्थान | केवड़ाबाड़ी स्थित निकले महादेव मंदिर के पास, रायगढ़ |
| मुख्य टीम भूमिका | जूटमिल निरीक्षक अभिनव कांत सिंह एवं महिला थाना प्रभारी कुसुम कैवर्त |
बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर गुजारी रात, रायगढ़ लौटते ही पुलिस ने दबोचा
13 जुलाई को बालिका के दोबारा गायब होने पर परिजनों ने फिर शिकायत की, जिस पर पुलिस ने तत्काल दूसरा मुकदमा दर्ज कर विशेष टीम गठित की। साइबर सेल और मैदानी मुखबिरों की मदद से 15 जुलाई 2026 को जूटमिल पुलिस ने केवड़ाबाड़ी स्थित निकले महादेव मंदिर के पास घेराबंदी कर आरोपी अनुज स्वर्णकार के चंगुल से बालिका को दोबारा सुरक्षित मुक्त कराया।
पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपी अनुज नाबालिग को बहला-फुसलाकर ट्रेन से बिलासपुर ले गया था। दोनों एक दिन बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर रुके और अगले दिन वापस रायगढ़ लौट आए, जहां पुलिस ने उन्हें रेलवे स्टेशन के पास ही ट्रेस कर लिया। विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्ची को उसके माता-पिता के सुपुर्द किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह का कड़ा संदेश:
“रायगढ़ जिले में नाबालिग बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। किसी भी नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाना एक अत्यंत गंभीर और अक्षम्य सामाजिक व कानूनी अपराध है। मैं सभी अभिभावकों से सहृदय अपील करता हूं कि वे अपने बच्चों की रोजमर्रा की गतिविधियों और उनके दोस्तों पर सतत निगरानी रखें। उन्हें सुरक्षित ऑनलाइन और ऑफलाइन व्यवहार के बारे में सिखाएं। यदि कोई भी संदिग्ध परिस्थिति नजर आए या बच्चा लापता हो, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि त्वरित एक्शन लिया जा सके।”
