गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से सुरक्षा और कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाले एक आदतन अपराधी की दुस्साहसिक करतूत सामने आई है। जिला दंडाधिकारी (कलेक्टर) के आदेश पर रायगढ़ और उसके सात पड़ोसी जिलों की सीमाओं से निष्कासित (जिला बदर) किया गया हिस्ट्रीशीटर चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य न सिर्फ अवैध रूप से जिले में वापस लौट आया, बल्कि उसने पुलिस कार्यालय परिसर (एसपी ऑफिस) में हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर जमकर हंगामा और अभद्र व्यवहार किया।
वहां मौजूद पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया। कोतवाली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे सीधे जिला जेल रायगढ़ दाखिल करा दिया गया है।
एसपी ऑफिस में पेट्रोल की बोतल लेकर मचाया हुड़दंग
घटना 16 जुलाई 2026 की शाम की है, जब दो बार जिला बदर हो चुका आरोपी चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य अचानक पुलिस कार्यालय परिसर में घुस आया। वह कोतवाली पुलिस द्वारा उसके खिलाफ बार-बार की जा रही जिला बदर और प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों का विरोध करते हुए जोर-जोर से चिल्लाने और हंगामा करने लगा।
तनाव तब और बढ़ गया जब देखा गया कि उसके हाथ में एक प्लास्टिक की बोतल थी, जिसमें ज्वलनशील पदार्थ पेट्रोल भरा हुआ था। किसी अनहोनी या आत्मघाती कदम की आशंका को भांपते हुए परिसर में तैनात पुलिस जवानों ने तुरंत दौड़कर उस पर काबू पाया और पेट्रोल की बोतल को सुरक्षित ढंग से अपने कब्जे में ले लिया। इसी दौरान कोतवाली की पेट्रोलिंग टीम भी मौके पर पहुंच गई।
समझाने पर हुआ और उग्र, BNSS के तहत हुई कार्रवाई
पुलिस टीम ने आरोपी को शांत कराने और कानून का पालन करने की समझाइश देने का प्रयास किया, लेकिन वह लगातार पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज और अभद्रता करते हुए और अधिक उग्र हो गया। किसी संज्ञेय अपराध के घटित होने की तात्कालिक आशंका को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया।
पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत आरोपी को हिरासत में लिया और इस्तगासा क्रमांक 308/2026 दर्ज करते हुए धारा 170/126/135(3) BNSS के अंतर्गत कड़ी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। 17 जुलाई को आरोपी को एसडीएम न्यायालय रायगढ़ में पेश किया गया, जहां से मिले जेल वारंट के आधार पर उसे जेल भेज दिया गया।
आरोपी चाहत शुक्ला का आपराधिक इतिहास और कार्रवाई का विवरण
| विवरण का प्रकार | विवरण की पूरी जानकारी |
| आरोपी का पूरा नाम | चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य (उम्र 29 वर्ष) |
| पिता का नाम व निवासी | अरुण शुक्ला, रेलवे स्टेशन मोटरसाइकिल स्टैंड के पीछे, कोतवाली (रायगढ़) |
| अपराधों की प्रकृति | वर्ष 2023 से लगातार सक्रिय, मारपीट, गुंडागर्दी और शांति भंग करने के कई मामले दर्ज। |
| पहला जिला बदर | वर्ष 2024 में आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए 1 वर्ष के लिए निष्कासन। |
| दूसरा जिला बदर आदेश | 23 मार्च 2026 को जिला दंडाधिकारी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत 1 वर्ष के लिए। |
| प्रतिबंधित जिला सीमाएं | रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदा बाजार, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, कोरबा और जशपुर। |
8 जिलों से निष्कासन के आदेश की उड़ाई धज्जियां
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में अपनी पहली जिला बदर की अवधि काटने के बाद भी चाहत शुक्ला की आपराधिक आदतें नहीं सुधरीं। वर्ष 2025 में फिर से मारपीट की वारदात करने के बाद जिला पुलिस ने दोबारा जिला बदर का प्रतिवेदन भेजा था।
जिस पर जिला दंडाधिकारी रायगढ़ ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 (क) एवं (ख) के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए 23 मार्च 2026 को उसे रायगढ़ समेत कुल 8 जिलों की सीमाओं से बाहर रहने का आदेश दिया था। इस आदेश का सरेआम उल्लंघन कर उसने शहर में प्रवेश किया और सीधे पुलिस से ही उलझने की हिमाकत की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) का कड़ा संदेश:
रायगढ़ एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई पर सख्त रुख अपनाते हुए अपराधियों को चेतावनी दी है— “जिला बदर आदेश का खुला उल्लंघन करना, लोक शांति को जानबूझकर भंग करने का प्रयास करना अथवा कानून-व्यवस्था को सीधे चुनौती देने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे समाज विरोधी व्यक्तियों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस तत्काल, प्रभावी और बेहद कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।”
निष्कर्ष: बदमाशों में खौफ पैदा करने की कवायद
पुलिस दफ्तर जैसी सुरक्षित और संवेदनशील जगह पर पेट्रोल लेकर हुड़दंग मचाने की इस हिमाकत पर रायगढ़ पुलिस के त्वरित एक्शन ने यह साफ कर दिया है कि अपराधियों के प्रति प्रशासन का रवैया पूरी तरह ‘जीरो टॉलरेंस’ का है। इस त्वरित दंडात्मक कार्रवाई से शहर के अन्य गुंडा-बदमाशों और जिला बदर नियमों का उल्लंघन करने वालों के बीच एक कड़ा और कड़ा संदेश गया है।
