गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर भारतीय जनता पार्टी द्वारा कांग्रेस पार्टी और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी पर लगाए जा रहे आरोपों पर रायगढ़ युवा कांग्रेस ग्रामीण के जिलाध्यक्ष उस्मान बेग ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् देश की आजादी, ऐतिहासिक संघर्ष और करोड़ों देशवासियों की भावनाओं से जुड़ा प्रतीक है, लेकिन भाजपा इसे एक सियासी जरिया बनाकर देशभक्ति का प्रमाणपत्र बांटने का अनुचित प्रयास कर रही है।
‘सोनिया गांधी का इशारा खड़गे जी की बैठने की व्यवस्था के लिए था’ उस्मान बेग ने वायरल वीडियो के संदर्भ में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि एक छोटे से वीडियो क्लिप के कुछ सेकंड को तोड़-मरोड़कर सोनिया गांधी पर वंदे मातरम् के अपमान का आरोप लगाना भाजपा की ओछी राजनीति को दर्शाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया:
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सच्चाई: सोनिया गांधी का इशारा राष्ट्रगीत को रोकने के लिए नहीं, बल्कि मंच पर काफी देर से खड़े कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बैठने की व्यवस्था को लेकर था।
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मर्यादा का पालन: कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् का पूरा गायन हुआ और इसे कहीं भी नहीं रोका गया।
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राष्ट्रभक्ति पर स्टैंड: जिस कांग्रेस पार्टी का स्वतंत्रता संग्राम से लेकर देश की अखंडता के लिए बलिदान का इतिहास रहा है, उसे भाजपा से देशभक्ति का प्रमाणपत्र लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।
जनता के मूल प्रश्नों से ध्यान भटकाने का षड्यंत्र युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में देश का युवा बेरोजगारी से जूझ रहा है, आम नागरिक महंगाई से पस्त हैं, किसान अपनी समस्याओं को लेकर आंदोलनरत हैं और महिलाएं सुरक्षा व सम्मान के सवाल पूछ रही हैं।
उन्होंने भाजपा नेतृत्व से तीखे सवाल दागते हुए कहा— “जब भी जनता महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और सुरक्षा पर सरकार से जवाब मांगती है, तब भाजपा ऐसे गैर-जरूरी विवाद खड़े कर लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश करती है।”
उस्मान बेग के भाजपा से सीधे सवाल:
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क्या वंदे मातरम् पर विवाद खड़ा करने से बेरोजगार युवाओं को नौकरी मिल जाएगी?
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क्या इस राजनीति से रसोई और बाजार की महंगाई कम हो जाएगी?
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क्या इससे किसानों के संकट और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी समस्याएं हल हो जाएंगी?
उस्मान बेग ने अंत में दोहराया कि देशभक्ति किसी राजनीतिक दल की निजी संपत्ति नहीं है। तिरंगा और वंदे मातरम् हर भारतीय का गौरव हैं। युवा कांग्रेस जनता के वास्तविक मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी और भाजपा को विवादों की राजनीति छोड़कर जन-हित के सवालों का जवाब देना होगा।
