गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। साइबर अपराधों की रोकथाम और आम नागरिकों में डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक पूरे प्रदेश में “साइबर जागृति अभियान” चलाया जा रहा है। रायगढ़ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में रायगढ़ पुलिस द्वारा इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 18 अगस्त 2026 को जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में विशेष कार्यशालाएं आयोजित कर करीब 1700 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को ऑनलाइन ठगी व साइबर अपराधों से बचाव के प्रति सतर्क किया गया।
जिले भर के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में पहुंची पुलिस टीम रायगढ़ पुलिस की अलग-अलग टीमों ने जिले के प्रतिष्ठित स्कूल-कॉलेजों और पुस्तकालयों में जाकर विद्यार्थियों को व्यावहारिक जानकारी प्रदान की:
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ओपी जिंदल स्कूल: डीएसपी उन्नति ठाकुर, डीएसपी सुशांतो बनर्जी एवं थाना प्रभारी पूंजीपथरा रामकिंकर यादव ने छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को साइबर ठगी के नए तौर-तरीकों से अवगत कराया।
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गर्ल्स कॉलेज, लॉ कॉलेज व शासकीय ग्रंथालय: थाना कोतवाली पुलिस टीम ने छात्राओं व युवाओं को डिजिटल सुरक्षा के उपाय बताए।
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आत्मानंद स्कूल (खरसिया): खरसिया पुलिस टीम ने बच्चों को सोशल मीडिया व गेमिंग फ्रॉड से सतर्क रहने के टिप्स दिए।
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हायर सेकेंडरी स्कूल कोड़तराई व भूपदेवपुर: भूपदेवपुर थाना प्रभारी रोशन कुमार कौशिक के नेतृत्व में विद्यार्थियों के बीच साइबर पाठशाला लगाई गई।
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सेंट टेरेसा व सेंट जेवियर स्कूल (बोइरदादर): थाना साइबर एवं थाना चक्रधरनगर की संयुक्त टीम ने अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी।
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कन्या शाला घरघोड़ा व स्थानीय क्षेत्र: घरघोड़ा पुलिस एवं महिला थाना पुलिस द्वारा कन्याओं व स्थानीय बच्चों के बीच साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

पुलिस द्वारा दिए गए साइबर सुरक्षा के प्रमुख मंत्र कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में डिजिटल सुरक्षा बनाए रखने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातें समझाईं:
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गोपनीयता बनाए रखें: OTP, PIN, CVV और बैंक खाते की गोपनीय जानकारी किसी से भी साझा न करें।
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अनजान लिंक व कॉल से दूरी: बिना सत्यापन के अनजान लिंक पर क्लिक न करें, QR Code स्कैन न करें और संदिग्ध वीडियो कॉल स्वीकार न करें।
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सोशल मीडिया सुरक्षा: अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और निजी फोटो/व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक करने से बचें।
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फर्जी ऑफर्स से सावधान: लोन, जॉब, लॉटरी या ऑनलाइन ऑफर्स के नाम पर पैसे मांगने वालों से बचें।
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डिजिटल अरेस्ट का भय न पालें: “डिजिटल गिरफ्तारी”, बिजली कटने, केवाईसी अपडेट या पुलिस अफसर बनकर डराने वाली कॉल्स साइबर फ्रॉड का हिस्सा हैं।
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तकनीकी सुरक्षा: मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (Two-Factor Authentication) और प्राइवेसी सेटिंग्स का अनिवार्य उपयोग करें।
QR Code से अभियान से जुड़ने और संदेश फैलाने की अपील कार्यशालाओं में विद्यार्थियों को QR Code स्कैन कराकर साइबर अभियान से जोड़ा गया। पुलिस ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे “एक जागरूक विद्यार्थी—एक जागरूक परिवार” के मंत्र को अपनाएं और अपने घर-परिवार, माता-पिता तथा आसपास के लोगों को भी ऑनलाइन ठगी के खतरों के प्रति सचेत करें।
रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि “सतर्कता ही साइबर सुरक्षा की सबसे मजबूत ढाल है।” किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी पुलिस थाने में संपर्क करें।
