Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Knock India
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Knock India
    Home » Blog » बटन दबाते ही हुआ विस्फोट, लगा कुछ सेकंड के लिए हिली धरती, पोखरण परमाणु परीक्षण पर बोले डॉ. राजा रामन्ना
    राज्य

    बटन दबाते ही हुआ विस्फोट, लगा कुछ सेकंड के लिए हिली धरती, पोखरण परमाणु परीक्षण पर बोले डॉ. राजा रामन्ना

    News DeskBy News DeskJanuary 25, 2025No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    बटन दबाते ही हुआ विस्फोट, लगा कुछ सेकंड के लिए हिली धरती, पोखरण परमाणु परीक्षण पर बोले डॉ. राजा रामन्ना
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    इंदौर: 1974 में डॉ. राजा रमन्ना भारत के परमाणु कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे थे। पोखरण-1 के लिए करीब 200 लोगों की टीम काम कर रही थी, जिसका मैं भी हिस्सा था। इस परीक्षण के लिए हम एक टेंट में बैठे थे। किसी को नहीं पता था कि अगले पल क्या होने वाला है। जैसे ही बटन दबाया गया, एक बड़ा विस्फोट हुआ (पोखरण परमाणु परीक्षण)। ऐसा लगा जैसे धरती कुछ सेकंड के लिए ऊपर उठी और फिर वापस आ गई। यह बात विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्व सचिव और डॉ. राजा रमन्ना के शिष्य पद्म भूषण डॉ. वीएस राममूर्ति ने कही। वे शुक्रवार को राजा रमन्ना सेंटर फॉर एडवांस टेक्नोलॉजी (आरआर कैट) में वैज्ञानिक डॉ. राजा रमन्ना की जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित व्याख्यान में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि परमाणु परीक्षण (पोखरण परमाणु परीक्षण) पर एक फिल्म भी बनाई गई है, जिसमें मिसाइल लॉन्च होने पर बड़ी मात्रा में गैस और आग निकलने का दृश्य दिखाया गया है। ऐसा हकीकत में नहीं होता। डॉ. राममूर्ति ने कहा कि आजादी के बाद विकास की दौड़ में शामिल भारत आज भी अपने साथी देशों से पीछे है। इसका मतलब यह नहीं है कि हम काम नहीं कर रहे हैं या हमारे पास प्रतिभा की कमी है, लेकिन यहां काम करने वाले लोगों की संख्या कम है। इसका सबसे बड़ा कारण शिक्षण संस्थान हैं। अगर भारत को दुनिया का नेतृत्व करना है, तो उसे शिक्षण संस्थानों में निवेश करना होगा।

    भारतीय वैज्ञानिक अच्छा काम कर रहे हैं

    डॉ. राममूर्ति ने कहा कि तकनीक और विज्ञान के क्षेत्र में भारत अभी भी पीछे है। भारतीय वैज्ञानिक बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। उनके पास कई बड़े प्रोजेक्ट हैं। वैश्विक स्तर पर चल रहे कई प्रोजेक्ट में हमारे वैज्ञानिकों की अहम भूमिका है, लेकिन अभी भी कुछ बिंदुओं पर सुधार की जरूरत है। आबादी के मुकाबले हमारे पास मैनपावर कम है। वैज्ञानिकों की संख्या बढ़ाने के लिए हमें शिक्षण संस्थानों की संख्या बढ़ानी होगी, क्योंकि इससे युवाओं में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी।

    चीन में प्रति दस लाख लोगों पर 500 वैज्ञानिक

    उन्होंने बताया कि चीन और भारत एक ही समय पर आजाद हुए। दोनों देशों ने 1950 से विकास की दौड़ शुरू की। 1990 तक दोनों देशों की जीडीपी एक जैसी रही। उस समय दोनों देशों में प्रति दस लाख लोगों पर 200 वैज्ञानिक थे। वर्ष 2000 से चीन ने वैज्ञानिकों की संख्या में तेजी से वृद्धि करनी शुरू की। 25 साल बाद आज चीन अमेरिका से प्रतिस्पर्धा कर रहा है। वहां प्रति दस लाख लोगों पर 500 वैज्ञानिक हैं, लेकिन हमारी स्थिति पहले जैसी ही है। इसका कारण शिक्षा और शोध क्षेत्र में निवेश की कमी है।

    News Desk

    Related Posts

    सपनों को मिला अपना आशियाना, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता नारायणपुर, ​प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास……

    September 2, 2026

    मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन की समीक्षा बैठक सम्पन्न…..

    September 2, 2026

    महिलाओं के हुनर को मिलेगा मंच, आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई उड़ान, खम्हरिया और उदयपुर में महतारी सदन निर्माण का भूमिपूजन, मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी सौगात…..

    September 2, 2026

    बारिश की हर बूंद सहेजने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी, ‘जल संचय जन भागीदारी’ के तीसरे चरण में देश में प्रथम, मुख्यमंत्री साय ने हर राज्य के लिए ‘कैच द रेन’ प्लान, स्टेट वाटर अवार्ड्स और त्रैमासिक समीक्षा का दिया सुझाव…..

    September 2, 2026

    एम्स रायपुर का तीसरा दीक्षांत समारोह: ज्ञान के साथ करूणा और नैतिक मूल्य को अपनाएं युवा चिकित्स- राज्यपाल रमेन डेका….

    September 2, 2026

    Regional News: कीचड़ भरे रास्तों से नक्सल पीड़ितों के घर तक पहुंचे डॉ. प्रेमा साईं; यमपुर व नेलाकांकेर में बांटी मदद, एक बेटी के विवाह का उठाया पूरा खर्च

    September 2, 2026
    RO.NO.= 13954/ 80
    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - KHURSHID ALAM
    मोबाइल - 07828272058
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Near Ratan Bhawan Phool Chowk Nayapara,CSEB Road Raipur (C.G.)
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.