Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Knock India
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Knock India
    Home » Blog » आपातकाल देश के इतिहास का काला अध्याय: “जिन्होंने संविधान कुचला था, वो अब उसकी दुहाई देते हैं” – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…
    छत्तीसगढ़

    आपातकाल देश के इतिहास का काला अध्याय: “जिन्होंने संविधान कुचला था, वो अब उसकी दुहाई देते हैं” – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…

    News DeskBy News DeskMarch 21, 2025No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    आपातकाल देश के इतिहास का काला अध्याय: “जिन्होंने संविधान कुचला था, वो अब उसकी दुहाई देते हैं” – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 21 मार्च को भारत के लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक दिन बताया. उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है, और 21 मार्च 1977 वह दिन है जब देश ने तानाशाही के विरुद्ध जीत दर्ज की थी. उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक बदलाव नहीं था, बल्कि भारत के नागरिकों की आस्था, साहस और संघर्ष की विजय थी.

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 1975 में लगाए गए आपातकाल ने संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों को कुचल दिया था. न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका – जिनके संतुलन पर हमारा लोकतंत्र टिका है – उसे तोड़कर समस्त शक्ति एक परिवार के हाथों में केंद्रित कर दी गई थी. नागरिक अधिकारों का दमन, मीडिया पर सेंसरशिप, विरोध की आवाज़ों का दमन और रातों में की जाने वाली गिरफ्तारियां संविधान के चिथड़े उधेड़ते हुए उस भयावह कालखंड को उजागर करता है.

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मेरे बड़े पिताजी नरहरि साय को भी 19 महीने जेल में रखा गया था. वे लाखों लोकतंत्र सेनानियों में से एक थे जिन्होंने तानाशाही के विरुद्ध खड़े होकर भारत की आत्मा की रक्षा की. कई सेनानियों को तो बेड़ियों में जकड़ा गया, और उनके परिवारों को भी अमानवीय यातनाएं झेलनी पड़ीं.

    मुख्यमंत्री साय ने उस समय की राजसत्ता की क्रूरता को याद करते हुए कहा कि अखबारों पर ताले लगे थे, कलाकारों की आवाज़ बंद कर दी गई थी. किशोर कुमार जैसे गायक तक को रेडियो पर बैन कर दिया गया क्योंकि उन्होंने इमरजेंसी का विरोध किया था. यह सब कुछ उस संविधान के नाम पर हो रहा था, जिसे बनाने में बाबा साहेब अंबेडकर का जीवन लगा था.

    मुख्यमंत्री ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आज वही लोग संविधान की किताब हाथ में लेकर संविधान की दुहाई देते हैं, जिन्होंने कभी उसे रौंदने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. जिन्होंने संविधान कुचला था, आजकल वही उसकी दुहाई देते हैं. 1975 में आपातकाल लगाकर पाप किया गया और उसकी पुनरावृत्ति तब हुई जब पिछली कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि रोक दी – यह उन सेनानियों के त्याग और संघर्ष का अपमान है.

    मुख्यमंत्री साय ने लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि भारत का लोकतंत्र किसी एक पार्टी या सत्ता की बपौती नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के साहस, बलिदान और संकल्प की देन है. हमें हमेशा सतर्क रहना होगा ताकि फिर कभी लोकतंत्र पर अंधकार का साया न पड़े. उन्होंने कहा कि 21 मार्च 1977 को इमरजेंसी का धब्बा हट गया, लेकिन इसे लगाने वाली मानसिकता अब भी जीवित है. उन्होंने कहा कि सौभाग्य से देश की जनता अब जागरूक है और ऐसे तानाशाही इरादों को पहचानना और हराना जानती है.

    News Desk

    Related Posts

    मोर गांव, मोर पानी’ महाभियान का असर: बेमेतरा जिले के तीन विकासखंड क्रिटिकल से सेमी-क्रिटिकल जोन में पहुंचे

    September 4, 2026

    अनियमितताओं के चलते किसान एग्रो कृषि केन्द्र की कीटनाशक अनुज्ञप्ति 15 दिवस के लिए निलंबित

    September 4, 2026

    कीटनाशक विक्रय में अनियमितता पाए जाने पर उमंग कृषि केन्द्र की अनुज्ञप्ति 15 दिवस के लिए निलंबित

    September 4, 2026

    मृत भालू के नाखून काटकर ले जाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, डॉग स्क्वॉड की मदद से हुई पतासाजी, चार नाखून बरामद, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई…..

    September 4, 2026

    छत्तीसगढ़ की शिक्षिका सुनीता यादव को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान, नवाचार और संवेदनशीलता से प्राथमिक शिक्षा को दी नई दिशा……

    September 4, 2026

    राज्यपाल के हाथों सम्मानित होंगी रायगढ़ की दो शिक्षिकाएं, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए हुआ चयन…..

    September 4, 2026
    RO.NO.= 13954/ 80
    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - KHURSHID ALAM
    मोबाइल - 07828272058
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Near Ratan Bhawan Phool Chowk Nayapara,CSEB Road Raipur (C.G.)
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.