गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। रायगढ़ जिले की थाना तमनार पुलिस ने क्षेत्र में हुई दो अलग-अलग चोरियों का सिलसिलेवार खुलासा करते हुए 6 विधि से संघर्षरत बालकों (नाबालिगों) और एक बालिग युवक समेत कुल 7 आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों ने मिलुपारा चौक से एक मोटरसाइकिल चोरी करने के साथ-साथ कुधरीपारा मंदिर चौक तिराहा स्थित एक दुकान का दरवाजा तोड़कर खाद्य सामग्री और नगदी चुराने का अपराध स्वीकार किया है। पुलिस ने चोरी की गई मोटरसाइकिल के साथ-साथ वारदात में इस्तेमाल किया गया एक अन्य दोपहिया वाहन भी बरामद कर लिया है।
मामले की शुरुआत 13 अगस्त को हुई, जब मिलुपारा में किराये के मकान में रहने वाले और अंबुजा सीमेंट कंपनी में इलेक्ट्रिशियन के रूप में कार्यरत रतन कुमार धोबी ने अपनी सफेद-काले रंग की एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल (CG11AU9751) चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके साथ ही कुधरीपारा मंदिर चौक स्थित पान ठेला दुकान के संचालक रामभजन पोर्ते ने भी अपनी दुकान का ताला तोड़कर लगभग 9 हजार रुपये मूल्य की खाद्य सामग्री (कुरकुरे, सिगरेट, चॉकलेट, नमकीन आदि) और 1 हजार रुपये नगदी चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कसा शिकंजा: थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव आहेर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दोनों मामलों की जांच शुरू करते हुए क्षेत्र में मुखबिरों को सक्रिय किया। जांच के दौरान पुलिस को तीन संदिग्ध नाबालिगों के इन वारदातों में शामिल होने की सटीक सूचना मिली। पुलिस हिरासत में लेकर की गई पूछताछ में तीनों नाबालिगों ने बताया कि गिरोह में कुल 7 लोग शामिल थे, जो दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर चोरी की नीयत से घूम रहे थे। उन्होंने ही मिलुपारा से बाइक और कुधरीपारा स्थित दुकान से खाद्य सामग्री और नगदी की चोरी की थी।
फरार मुख्य आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में: घटना के बाद से लगातार फरार चल रहे 20 वर्षीय आरोपी मुकेश अगरिया (पिता मेहत्तर अगरिया, निवासी जांजगीर, थाना तमनार) को भी पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने सभी 6 नाबालिगों के साथ मिलकर दोनों वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी जब्त की है।
तमनार पुलिस की वैधानिक कार्रवाई: पुलिस ने आरोपी मुकेश अगरिया के खिलाफ अपराध क्रमांक 204/2026 में धारा 302(2) बीएनएस तथा अपराध क्रमांक 205/2026 में धारा 305, 331(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वहीं, मामले में शामिल सभी विधि से संघर्षरत बालकों के खिलाफ किशोर न्याय बोर्ड के नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई है। इस पूरे अंधे कत्ल और चोरी के नेटवर्क को ध्वस्त करने में थाना प्रभारी प्रशांत राव आहेर, प्रधान आरक्षक बनारसी सिदार, महिला प्रधान आरक्षक सुदो भगत, आरक्षक पुष्पेंद्र सिदार, रंजीत भगत एवं पुरुषोत्तम सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
