गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत खरसिया पुलिस लगातार स्कूलों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर रही है। एसडीओपी खरसिया श्री सतीश भार्गव के मार्गदर्शन एवं चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में क्षेत्र के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में विवेकानंद कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में करीब 900 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को साइबर सुरक्षा के उपाय बताए गए। इसके अलावा शंकराचार्य स्कूल में 500 विद्यार्थियों और लाल बहादुर शास्त्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरसिया में छात्राओं के बीच पहुंचकर पुलिस टीम ने ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक जारी रहेगा अभियान: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीओपी सतीश भार्गव ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक ‘साइबर जागृति अभियान’ चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश भर में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी और आसान माध्यम जागरूकता ही है। बच्चों और युवाओं को इंटरनेट व सोशल मीडिया का उपयोग करते समय विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए तथा किसी भी अनजान व्यक्ति, संदेहास्पद लिंक या लुभावने मैसेज पर बिना सोचे-समझे भरोसा नहीं करना चाहिए।
डिजिटल सुरक्षा और सावधानी के मूल मंत्र: चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं को बेहद सरल अंदाज में समझाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि साइबर अपराधियों के निशाने पर केवल बड़े ही नहीं, बल्कि बच्चे और युवा भी आ रहे हैं। मोबाइल का इस्तेमाल करते समय अपनी निजी जानकारी, तस्वीरें, पासवर्ड और ओटीपी (OTP) कभी किसी के साथ साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने, अनधिकृत ऐप डाउनलोड करने या किसी लालच में आकर व्यक्तिगत डेटा देने से बचना बेहद जरूरी है। यदि किसी के साथ धोखाधड़ी होती है, तो छिपाने के बजाय तुरंत परिजनों, शिक्षकों या पुलिस को सूचित करें।
क्यूआर कोड और सोशल मीडिया से अभियान विस्तार: निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को ‘साइबर जागृति अभियान’ के विशेष क्यूआर स्कैनर के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस क्यूआर कोड को स्कैन कर अभियान से जुड़ा जा सकता है और अपनी सेल्फी सोशल मीडिया पर साझा की जा सकती है। इसका मुख्य उद्देश्य खुद जागरूक होने के साथ-साथ परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करना है। खरसिया पुलिस की इस जमीनी पहल से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सीधे जुड़कर ‘जागरूक रहें और दूसरों को भी जागरूक करें’ के संदेश को घर-घर तक पहुंचा रहे हैं।
