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    मध्यप्रदेश जैव विविधता संरक्षण के साथ वन्य जीवों और मनुष्य के सह-अस्तित्व का अद्भुत उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव…

    News DeskBy News DeskMarch 13, 2025No Comments4 Mins Read
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    मध्यप्रदेश जैव विविधता संरक्षण के साथ वन्य जीवों और मनुष्य के सह-अस्तित्व का अद्भुत उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव…
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    भोपाल: मध्यप्रदेश ने वन्य जीव संरक्षण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। शिवपुरी स्थित माधव राष्ट्रीय उद्यान को प्रदेश का 9वां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के 58वें और मध्यप्रदेश के नौवें टाइगर रिजर्व की स्थापना की घोषणा करते हुए कहा, “भारत वन्य जीव विविधता से समृद्ध है, यहां की संस्कृति वन्य जीवों का सम्मान करती है। हम हमेशा पशुओं की रक्षा करने में सबसे आगे रहेंगे।” उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार वन्यजीवों और पर्यावरण के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    मध्यप्रदेश के 9वें टाइगर रिजर्व के शुभारंभ के प्रतीक पर स्वरूप एक बाघिन को स्वच्छंद विचरण के लिए मुक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नए बाघ अभयारण्य को विकसित करते समय अन्य प्रजातियों के सह-अस्तित्व को बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह कोई चिड़ियाघर नहीं है, बल्कि एक खुला आवास है, जो वन्य जीवों और आम जनता दोनों के लिए सुलभ है।

    उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में मानव और वन्य जीवों के सह-अस्तित्व का अनोखा परिदृश्य मौजूद है। इस कदम से बाघों के संरक्षण को नया बल मिलेगा और जैव विविधता को सहेजने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व म.प्र. के प्राकृतिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।

    वन एवं वृक्ष आवरण में अग्रणी मध्यप्रदेश –

    ‘भारत वन स्थिति रिपोर्ट-2023’ के अनुसार, मध्यप्रदेश 85,724 वर्ग किलोमीटर वन और वृक्ष आवरण के साथ देश में शीर्ष स्थान पर है। राज्य का वन आवरण क्षेत्र 77,073 वर्ग किलोमीटर है, जो देश में सर्वाधिक है। मध्यप्रदेश ने देश में सबसे पहले 1973 में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम लागू किया था। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल की संभावित सूची में शामिल किया गया है।

    मध्यप्रदेश में सबसे अधिक टाइगर रिजर्व –

    मध्यप्रदेश में सबसे अधिक 9 टाइगर रिजर्व हो गए हैं। इनमें कान्हा, पेंच, बांधवगढ़, पन्ना, सतपुड़ा, वीरांगना दुर्गावती, संजय-डुबरी, रातापानी और अब माधव टाइगर रिजर्व शामिल हैं। प्रदेश में 11 नेशनल पार्क, 24 अभयारण्य हैं। सफेद बाघों के संरक्षण के लिए मुकुंदपुर में व्हाइट टाइगर सफारी विकसित की गई है।

    प्रदेश में टाइगर रिजर्व की यात्रा को हुए 52 वर्ष –

    प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व में सबसे पहले 1973 में कान्हा-किसली राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। इसके बाद पेंच टाइगर रिजर्व-1992, पन्ना टाइगर रिजर्व-1993-94, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व-1993-94, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व-1999-2000, संजय टाइगर रिजर्व-2011, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व-2023, रातापानी टाइगर रिजर्व-2024 और माधव टाइगर रिजर्व-2025 में घोषित किये गए।

    पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा –

    नवीन रातापानी और माधव टाइगर रिजर्व के विकास से इन क्षेत्रों में न केवल वन्यजीवों को संरक्षित करने में मदद मिलेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। दोनों ही रिजर्व शहरों के नजदीक है। रातापानी प्रदेश की राजधानी भोपाल और माध्व रिजर्व शिवपुरी के नजदीक है।

    मानव-वन्य जीव संघर्ष को कम करने की योजना –

    मध्यप्रदेश सरकार ने वन्य जीव संरक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए वन्य जीव कॉरिडोर विकसित किए हैं। साथ ही, 14 रीजनल और 1 राज्य स्तरीय रेस्क्यू स्क्वॉड गठित किया गया है। मानव-वन्य जीव संघर्ष के मामलों में क्षतिपूर्ति राशि 8 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है।

    9वां माधव टाईगर रिजर्व : एक संक्षिप्त परिचय –

    कभी सिंधिया रियासत की ग्रीष्मकालीन राजधानी रहे शिवपुरी में माधव राष्ट्रीय उद्यान की घोषणा वर्ष 1958 में की गई थी। अब यह टाइगर रिजर्व बन गया है। इसका क्षेत्रफल 375233 वर्ग किलोमीटर है। सांख्य सागर और माधव सागर झीलें इस अभयारण्य को हरा भरा बनाए रखने के साथ ही यहां के भू-जल स्तर को बनाए रखती हैं।

    सांख्य सागर झील को वर्ष 2022 में रामसर साइट भी घोषित किया गया है। इनके किनारे दलदली क्षेत्र में मगरमच्छ भी बहुतायत में पाए जाते हैं। इसके अलावा यहां हिरण चिंकारा, भेड़िये, साही अजगर, खरगोश, तेंदुए और अन्य कई वन्य जीव प्रजातियों के साथ ही देशी व प्रवासी पक्षियों का भी बसेरा रहता है। माधव टाइगर रिजर्व की नई सौगात मध्यप्रदेश की ‘टाइगर स्टेट’ की पहचान को और सशक्त बना कर वन्य जीव संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

    News Desk

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