गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। रायगढ़ जिले के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक “कृष्ण जन्माष्टमी झूला उत्सव” के दौरान इस वर्ष आस्था और धार्मिक भक्ति के साथ-साथ डिजिटल सुरक्षा का कड़ा संदेश भी गूंजा। तीन दिनों तक आयोजित होने वाले इस भव्य उत्सव में पड़ोसी राज्य ओडिशा के सीमावर्ती गांवों समेत कोरबा, जशपुर, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और जांजगीर-चांपा जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु गौरीशंकर मंदिर, श्याम मंदिर और मीना बाजार पहुंचे। जनसैलाब को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में रायगढ़ पुलिस ने विशेष ‘साइबर जागृति अभियान’ चलाकर नागरिकों को जागरूक किया।
उत्सव के मुख्य स्थलों जैसे श्याम मंदिर, गौरीशंकर मंदिर और मीना बाजार मेला प्रांगण में पुलिस द्वारा आकर्षक ‘साइबर जागरूकता सेल्फी प्वाइंट’ स्थापित किए गए थे। ये सेल्फी प्वाइंट्स श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने, जहां हजारों नागरिकों ने फोटो खिंचवाकर साइबर सुरक्षा का संदेश दूसरों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
ओटीपी, पिन और गोपनीय बैंकिंग जानकारी न करें साझा
अभियान के दौरान तैनात पुलिसकर्मियों ने आम जनता को डिजिटल ठगी से बचने के मूलभूत मंत्र समझाए। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को चेतावनी दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी (OTP), एटीएम या डेबिट कार्ड का ब्योरा, बैंक खाता संख्या, यूपीआई पिन (UPI PIN) और पासवर्ड साझा न करें। इसके अलावा, अज्ञात व्यक्ति के कहने पर मोबाइल स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करने, संदिग्ध लिंक खोलने या अनजान खातों में राशि ट्रांसफर करने से सख्त परहेज करने की हिदायत दी गई।
स्मार्टफोन प्राइवेसी और सुरक्षित ब्राउजिंग पर दिया जोर
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा साइबर अपराधों पर नकेल कसने और नागरिकों में सुरक्षित डिजिटल व्यवहार विकसित करने के उद्देश्य से 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी ‘साइबर जागृति अभियान’ चलाया जा रहा है। अभियान के चौथे सप्ताह के अंतर्गत पुलिस ने महिलाओं, छात्राओं और आम नागरिकों को केंद्रित करते हुए ‘स्मार्टफोन प्राइवेसी और सुरक्षित ब्राउजिंग’ के बारे में विस्तार से जानकारी दी। लोगों को मजबूत पासवर्ड रखने और सोशल मीडिया प्राइवेसी सेटिंग्स को सख्त बनाने की सलाह दी गई।
साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर करें कॉल
रायगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी या ऑनलाइन वित्तीय ठगी का शिकार हो जाता है, तो घबराने के बजाय बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या ‘National Cyber Crime Reporting Portal’ पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस का कहना है कि ठगी के शुरुआती घंटों में शिकायत मिलने पर धोखाधड़ी की गई राशि को होल्ड कराने और उसे वापस दिलाने में काफी मदद मिलती है।
