गौरी शंकर गुप्ता/खरसिया / रायगढ़। रायगढ़ जिले के खरसिया क्षेत्र में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उनकी बौद्धिक क्षमता को तराशने के उद्देश्य से एक सराहनीय शैक्षणिक पहल की गई है। शनिवार, 18 जुलाई 2026 को खरसिया के प्रतिष्ठित आलोक इंटरनेशनल स्कूल में ‘इंटर-स्कूल क्विज़ प्रतियोगिता’ (Inter-School Quiz Competition) का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया।
इस प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) खरसिया श्री प्रभात कुमार पटेल शामिल हुए। उन्होंने न केवल विद्यार्थियों की हौसलाअफजाई की, बल्कि छात्र जीवन में अनुशासन के महत्व को रेखांकित करते हुए युवाओं को प्रेरित भी किया।
पांच स्कूलों के होनहारों ने दिखाया तार्किक और बौद्धिक कौशल
इस परिक्षेत्र स्तरीय प्रतियोगिता में खरसिया और आसपास के कुल पांच प्रमुख विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों के बीच सामान्य ज्ञान (GK), तार्किक क्षमता (Reasoning) और तात्कालिक बौद्धिक कौशल का उत्कृष्ट मुकाबला देखने को मिला।
उपस्थित दर्शकों और शिक्षकों ने बच्चों की तीक्ष्ण बुद्धि और त्वरित जवाब देने की क्षमता की जमकर सराहना की। इस आयोजन ने बच्चों के भीतर छिपी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को सामने लाने का काम किया।
खरसिया इंटर-स्कूल क्विज़ प्रतियोगिता 2026: मुख्य विवरण
| कार्यक्रम का स्वरूप | इंटर-स्कूल क्विज़ (सामान्य ज्ञान व तार्किक क्षमता प्रतियोगिता) |
| आयोजन का स्थान | आलोक इंटरनेशनल स्कूल, खरसिया (जिला रायगढ़) |
| मुख्य अतिथि | श्री प्रभात कुमार पटेल (एसडीओपी, खरसिया) |
| मेजबान / समन्वयक | श्री विश्वजीत बाबू (प्राचार्य, आलोक इंटरनेशनल स्कूल) |
| सहभागी संस्थाएं | क्षेत्र के 05 प्रमुख विद्यालयों के छात्र-छात्राएं |
| मुख्य संदेश | अनुशासन ही छात्र जीवन की सबसे बड़ी पूंजी और सफलता का मार्ग है |
“अनुशासन ही सफलता की मजबूत नींव है”: एसडीओपी प्रभात कुमार पटेल
प्रतियोगिता में उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए एसडीओपी श्री प्रभात कुमार पटेल ने कहा, “इस प्रकार की प्रतियोगिताएं केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि ये विद्यार्थियों की तार्किक सोच, आत्मविश्वास और उनके संपूर्ण व्यक्तित्व विकास को एक नई और सकारात्मक दिशा देती हैं। ऐसे बौद्धिक आयोजन नियमित अंतराल पर होते रहने चाहिए ताकि बच्चों के आंतरिक विकास को निरंतर प्रोत्साहन मिलता रहे।”
पुलिस अधिकारी ने अपने छात्र जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए विद्यार्थियों से कहा कि अनुशासन को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। अनुशासित दिनचर्या और शिक्षा के प्रति पूर्ण समर्पण ही किसी भी विद्यार्थी को उसके निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है।
प्राचार्य और स्कूल प्रबंधन की सराहना:
कार्यक्रम के अंतिम चरण में मुख्य अतिथि एसडीओपी श्री पटेल ने प्रतियोगिता के विजेता और उपविजेता प्रतिभागियों को मंच पर मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और खेल भावना की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने इस सफल और व्यवस्थित आयोजन के लिए आलोक इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य श्री विश्वजीत बाबू एवं समस्त विद्यालय परिवार को बधाई देते हुए उनके इस शैक्षणिक प्रयास को सराहा।
