गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़ (14 जुलाई 2026)। संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) श्री मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना चक्रधरनगर पुलिस ने एक अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से रायगढ़, कोरबा, सक्ती और छिंदवाड़ा/ओडिशा के विभिन्न क्षेत्रों से चोरी की गई ₹9 लाख अनुमानित मूल्य की 21 मोटरसाइकिलें बरामद कर 5 शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है।
कैसे शुरू हुई जांच और कैसे हत्थे चढ़े आरोपी?
प्रकरण की शुरुआत प्रार्थी घनाउ खरे (निवासी पेंड्रावन, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़) की शिकायत से हुई। 27 दिसंबर 2025 को कमला नेहरू पार्क के सामने से उनकी हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (CG-11-AM-7998) चोरी हो गई थी, जिस पर थाना चक्रधरनगर में अपराध दर्ज कर जांच की जा रही थी।
विवेचना के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि दो संदिग्ध युवक मेडिकल कॉलेज रोड पर चोरी की बाइक बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर अनिल मिश्रा और अमृत बहादुर को पकड़ा। पूछताछ में उन्होंने अपने साथियों बोलो निषाद, चंद्रकुमार तिवारी और चंदन राय के साथ मिलकर संगठित तरीके से बाइक चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस ने त्वरित छापेमारी कर बाकी तीनों आरोपियों को भी नेहरू गार्डन के पास से गिरफ्तार कर लिया।
बरामदगी और आरोपियों का विवरण
आरोपियों से पूछताछ व मेमोरेंडम कथन के आधार पर कुल 21 बाइकें (मुख्यतः हीरो स्प्लेंडर और एचएफ डीलक्स) बरामद की गईं:
- अनिल मिश्रा (38 वर्ष, निवासी मिठ्ठूमूड़ा रायगढ़): 10 बाइकें बरामद
- अमृत बहादुर (37 वर्ष, निवासी रैरूंमा, धरमजयगढ़): 02 बाइकें बरामद
- बोलो निषाद (38 वर्ष, निवासी बड़े मानिकपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़): 05 बाइकें बरामद
- चंद्रकुमार तिवारी (37 वर्ष, निवासी राधापुर, जिला सक्ती): 04 बाइकें बरामद
- चंदन राय (24 वर्ष, निवासी आईटी आई कॉलोनी, अंबेडकर आवास, रायगढ़): सहयोगी
गिरफ्तार आरोपियों में अनिल मिश्रा और चंदन राय का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। चंदन राय वर्ष 2015 से वाहन चोरी के मामलों में संलिप्त रहा है। मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
BNS के तहत संगठित अपराध की धाराएं जोड़ी गईं
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी एक संगठित सिंडिकेट के रूप में भीड़भाड़ वाले स्थानों (जैसे कमला नेहरू पार्क) की रेकी कर मास्टर की या लॉक तोड़कर गाड़ियां चुराते थे और उन्हें दूसरे जिलों या ओडिशा राज्य में बेच देते थे। इस कारण मामले में धारा 303(2) के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112(2) एवं 3(5) (संगठित अपराध) की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। सभी 5 आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश:
“वाहन चोरी जैसे संगठित अपराधों में शामिल गिरोहों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस लगातार अभियान चला रही है। चोरी की संपत्ति बरामद कर अपराधियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
