कम्प्यूटर कोचिंग के माध्यम से आज के डिजिटल युग में अपने भविष्य को सँवारना एक अत्यंत व्यावहारिक निर्णय है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा और सॉफ्टवेयर विकास जैसे क्षेत्रों में उच्च-वेतन वाली नौकरियों के द्वार खोलता है।
बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड अंतर्गत पंडरीपानी निवासी युवती प्रियंका मंडल ने अपने आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के बल पर न केवल आत्मनिर्भर बनने का उदाहरण प्रस्तुत किया है, बल्कि क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना का लाभ लेकर उन्होंने अपना कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर स्थापित किया है। प्रियंका मंडल के परिवार में माता-पिता तथा भाई-भाभी सहित कुल 5 सदस्य हैं। प्रियंका की शैक्षणिक योग्यता स्नातकोत्तर है। प्रियंका बताती हैं कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे जीवन-यापन के लिए संविदा के रूप में कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्य कर रही थीं। उन्हें शुरू से ही कम्प्यूटर के क्षेत्र में गहरी रुचि थी और वे कुछ अलग करने की महत्वाकांक्षा रखती थीं।
प्रियंका ने देखा कि बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों के कई बच्चे कम्प्यूटर सीखना चाहते हैं, लेकिन दूर स्थित शहरों तक आने-जाने में होने वाली परेशानी और अधिक खर्च के कारण वे कम्प्यूटर शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। इस समस्या को देखते हुए प्रियंका ने ग्रामीण बच्चों को कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण कम्प्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर खोलने का निर्णय लिया, लेकिन उनकी इस इच्छा में उनकी आर्थिक स्थिति आड़े आ रही थी।
प्रियंका को अपने एक मित्र के माध्यम से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना की जानकारी मिली। उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से संपर्क कर योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दस्तावेज जमा कर ऋण के लिए आवेदन किया। योजना के तहत उनका “कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर” संबंधी प्रकरण भारतीय स्टेट बैंक पण्डरीपानी शाखा को प्रेषित किया गया। बैंक द्वारा 20 जून 2025 को उन्हें 7 लाख रुपये का ऋण प्रदाय किया गया।
प्रियंका ने बताया कि आज उनके कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर को संचालित हुए लगभग 9 माह हो चुके हैं। इस दौरान उनके सेंटर से 20 विद्यार्थियों को सफलतापूर्वक कम्प्यूटर प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही उन्होंने अपने संस्थान के माध्यम से तीन युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराया है। प्रियंका नियमित रूप से अपने ऋण की किस्तों का भुगतान भी कर रही हैं। प्रियंका मंडल की यह पहल न केवल आत्मनिर्भरता की मिसाल है, बल्कि बस्तर के ग्रामीण युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय कदम भी है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि सही दिशा और योजनाओं का लाभ मिले तो युवा अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
प्रियंका ने बताया कि स्नातकों को मजबूत सॉफ्टवेयर कौशल विकसित करने, ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के माध्यम से अपने ज्ञान को बढ़ाने, नवीनतम रुझानों से अवगत रहने और कार्यशालाओं और सेमिनारों में भाग लेने की आवश्यकता है ताकि वे अपने क्षेत्र में प्रासंगिक बने रहें, जो उनके पेशेवर विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
Author Profile
Latest entries
RaipurMay 1, 2026मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विशेष सत्र आयोजित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के प्रति किया आभार प्रकट
विश्वMay 1, 2026एप्पल CEO टिम कुक भारत को लेकर उत्साहित, बोले- देश टेक कंपनी के लिए बड़ा अवसर
NATIONALMay 1, 20261745 करोड़ की कोकीन जब्त, गृह मंत्री शाह ने NCB को दी बधाई
छत्तीसगढ़May 1, 2026रफ्तार का कहर: ट्रक ने डिलीवरी बॉय को रौंदा, हेलमेट भी नहीं बचा पाया जान




