00 प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना बनी आत्मनिर्भरता की राह
रायपुर। धुन के पक्के लोग अपने संकल्प और परिश्रम से न केवल स्वयं का जीवन संवारते हैं, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा बनते हैं। वैशाली नगर, राजनांदगांव निवासी श्री प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने अपने दृढ़ इरादों से यह सिद्ध कर दिखाया है कि सही योजना और मेहनत के सहारे आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखी जा सकती है।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना भारत सरकार की एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जो खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के छोटे उद्यमियों (सूक्ष्म उद्यमों) को सशक्त बनाने, उन्हें औपचारिक बनाने और बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है, जिसके तहत नए और मौजूदा उद्यमों को ऋण-आधारित सब्सिडी (35 प्रतिशत तक, अधिकतम 10 लाख रुपये), ब्रांडिंग और मार्केटिंग सहायता, सामान्य बुनियादी ढांचा और प्रशिक्षण जैसी मदद मिलती है, जिससे वे आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल के तहत प्रतिस्पर्धा कर सकें और आय बढ़ा सकें।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत श्री प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने अपना उद्योग प्रारंभ कर स्वरोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। इस योजना ने उन्हें न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की, बल्कि नवाचार और उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया।
लघुवनोपज आधारित उद्योग से मिली आर्थिक मजबूती
प्रदेश में उपलब्ध लघुवनोपज की व्यापक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने चिरौंजी, हर्रा एवं बहेरा पर आधारित प्रोसेसिंग उद्योग की स्थापना की। इस उद्योग के लिए मशीन एवं शेड निर्माण हेतु कुल 5 लाख 50 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिसमें से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत 2 लाख 13 हजार 500 रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ।
महिला स्वसहायता समूह को मिला स्थायी रोजगार
उद्योग की स्थापना के साथ ही श्री देशपांडे ने कौरिनभाठा स्थित संस्कारधानी महिला कृषक अभिरुचि स्वसहायता समूह की महिलाओं को रोजगार से जोड़ा। इससे महिलाओं को नियमित आय का साधन मिला और वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हुईं, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक परिवर्तन आया।
आधुनिक मशीनों से बढ़ी उत्पादन और मूल्य संवर्धन क्षमता
योजना से प्राप्त राशि का उपयोग कर उन्होंने आईटीआई मुंबई से चिरौंजी डिकॉल्डीकेटर मशीन क्रय की। इस मशीन के माध्यम से चिरौंजी का छिलका अलग कर गिरी निकाली जाती है, वहीं छिलकों से चारकोल का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही चिरौंजी, हर्रा एवं बहेरा की गिरी से तेल निष्कर्षण तथा हर्रा-बहेरा डिकॉल्डीकेटर मशीन द्वारा छाल पृथक्करण का कार्य भी किया जा रहा है।
सोलर ऊर्जा से संचालित प्रोसेसिंग यूनिट
ग्रामीण एवं वनीय क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की असुविधा को ध्यान में रखते हुए श्री देशपांडे ने अपने प्रोसेसिंग यूनिट को सोलर प्लांट से संचालित किया है। सोलर ऊर्जा के उपयोग से बिजली बिल शून्य हो गया है और उत्पादन कार्य में निरंतरता बनी हुई है, जिससे लागत में भी उल्लेखनीय कमी आई है।
चार राज्यों तक विस्तारित कारोबार, सालाना 4 लाख की आय
चिरौंजी, हर्रा और बहेरा उत्पादों की बाजार में निरंतर मांग के चलते उनका व्यवसाय अब छत्तीसगढ़ के साथ-साथ महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा तक विस्तारित हो चुका है। इस व्यवसाय से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 4 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनका जीवनस्तर बेहतर हुआ है।
वन संरक्षण, आजीविका और जागरूकता का समन्वय
इस पहल से वनीय क्षेत्रों में लघुवनोपज के संग्रहण, पौध संरक्षण एवं सतत आजीविका के प्रति जागरूकता बढ़ी है। स्वसहायता समूह की महिलाओं को रोजगार मिलने से वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति व्यक्त किया आभार
श्री प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना स्वरोजगार को बढ़ावा देने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
Author Profile
Latest entries
Breaking NewsFebruary 15, 2026आध्यात्मिक मूल्यों एवं संस्कारों की पाठशाला है अघोर गुरु पीठ बनोरा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
Breaking NewsFebruary 15, 2026रफ्तार का कहर: रायपुर में ट्रक की चपेट में आने से श्रमिक की मौत, उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार
Breaking NewsFebruary 15, 2026महाशिवरात्रि पर सीएम साय ने बाबा धाम में की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की
Breaking NewsFebruary 15, 2026भकुर्रा महादेव की महिमा अपरंपार महाशिवरात्रि पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, बोल बम के जयघोष से गूंज उठा भूतेश्वर धाम




