स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट ने हाल के वर्षों में सीमित ओवरों के फॉर्मेट में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। 2022 टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ मिली करारी हार आज भी चर्चा का विषय बनी रहती है। अब ऑस्ट्रेलिया के वर्ल्ड कप विजेता कप्तान ऑरोन फिंच ने उस मुकाबले को लेकर चौंकाने वाला विश्लेषण पेश किया है। उनके मुताबिक, भारत उस मैच में इतने दबाव में था कि टीम खुलकर खेलने का साहस ही नहीं जुटा सकी और यही हार की सबसे बड़ी वजह बनी।
फिंच का आकलन: हार के डर ने छीनी आजादी
‘राइज ऑफ चैंपियंस’ सीरीज़ में बातचीत के दौरान एरॉन फिंच ने 2022 के सेमीफाइनल को याद करते हुए कहा कि भारत की मानसिकता जीतने से ज्यादा हार से बचने की थी। उनके अनुसार, जब टीम का फोकस निडरता के बजाय जोखिम से बचने पर होता है, तो प्रदर्शन प्रभावित होता है। फिंच ने बताया कि बड़े टूर्नामेंट में बाहर होने के बाद टीमों को ठहरकर आत्ममंथन करना चाहिए, छोटे लक्ष्य तय करने चाहिए और हर चरण के लिए स्पष्ट रोडमैप बनाना चाहिए।
इयोन मॉर्गन ने महसूस किया एप्रोच में बदलाव
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान इयोन मॉर्गन, जो उस मैच में कमेंट्री कर रहे थे, ने भी भारत के रवैये में आए बदलाव पर बात की। उन्होंने कहा कि शुरुआती दस ओवरों के बाद भारत की बल्लेबाज़ी में वह बेखौफ अंदाज नजर नहीं आया, जो टूर्नामेंट के बाकी मैचों में दिखा था। मॉर्गन के मुताबिक, रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने पहले आक्रामक शुरुआतें की थीं, लेकिन सेमीफाइनल में वही आत्मविश्वास गायब दिखा।
चयन नीति पर मांजरेकर की टिप्पणी
पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने 2022 टी20 वर्ल्ड कप के दौरान टीम चयन में आए बदलावों को भी रेखांकित किया। उनका मानना था कि एक स्थिर और अनुमानित प्लेइंग इलेवन टीम को बेहतर संतुलन दे सकती थी। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि बार-बार टीम संयोजन बदलने से खिलाड़ियों को अपनी भूमिकाएं समझने में मुश्किल होती है, खासकर बड़े मुकाबलों में।
बदलाव को लेकर फिंच का संदेश
फिंच ने यह भी साफ किया कि बदलाव हमेशा नकारात्मक नहीं होते। कभी-कभी नई सोच या नई आवाज चाहे वह कप्तान हो या कोच टीम को नई दिशा दे सकती है। उन्होंने संकेत दिया कि भारत के सीमित ओवरों के क्रिकेट में हालिया सुधार इसी मानसिक बदलाव का नतीजा हो सकता है।
2023 वनडे वर्ल्ड कप और आक्रामक शुरुआत
2023 पुरुष वनडे वर्ल्ड कप में भारत के दबदबे पर बात करते हुए सुनील गावस्कर ने रोहित शर्मा की आक्रामक बल्लेबाज़ी को श्रेय दिया। उनके अनुसार, रोहित ने शीर्ष पर तेजी से रन बनाकर बाकी बल्लेबाज़ों के लिए टेम्पलेट सेट किया। हालांकि, फाइनल में मिली हार ने यह दिखाया कि बड़े मुकाबलों में रणनीति और मानसिक संतुलन कितने अहम होते हैं।
फाइनल हार पर अलग-अलग नजरिए
संजय मांजरेकर ने 2023 फाइनल में पिच चयन को एक बड़ी रणनीतिक चूक बताया, जबकि हरभजन सिंह ने इसे बड़े मैच के दबाव से जोड़कर देखा। वहीं मैथ्यू हेडन का मानना था कि घरेलू हालात में जीत को लेकर जरूरत से ज्यादा भरोसा भी भारत के खिलाफ चला गया।
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