रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। यहां राजधानी पुलिस ने शहर के लगभग सभी थाना क्षेत्रों के अलग-अलग इलाकों में एक साथ दबिश दी है। पुलिस की इस कार्रवाई से पूरे रायपुर में हड़कंप मच गया है। नए साल से पहले रायपुर पुलिस की कार्रवाई ने हर तरफ चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है। पुलिस ने बैजनाथपारा और टिकरापारा से 61 संदेहियों को हिरासत में लिया है और जांच कर रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर पुलिस ने बांग्लादेशियों की तलाश में राजधानी रायपुर में स्थित बैजनाथपारा, संजय नगर,शंकर नगर,मोवा समेत कई अन्य इलाकों में एक साथ दबिश दी है। नए साल से पहले रायपुर पुलिस की इस कार्रवाई से सभी इलाकों में हड़कंप मच गया है। पुलिस की टीम ने अब तक छापेमार कार्रवाई में 40 से 50 संदेहियों को हिरासत में लिया है। सभी संदेहियों से पूछताछ जारी है।
शाबाश छत्तीसगढ़ पुलिस, पहली बार विदेशी App में चैटिंग करने वालों पर कसा शिकंजा
रायपुर (जसेरि)। राजधानी रायपुर में विदेशी एप पर चैटिंग करने वाले दर्जनों लोगों की चैटिंग हिस्ट्री निकाल पुलिस ने आधी रात को नूरजहां होटल के मालिक औऱ भारत सिल्क हाउस के मालिक के साथ बैजनाथपारा, राजातालाब, सिविल लाइन मोवा सड्डू, बैरनबाजार, कचना, पंडरी, मोदहापारा, तेलीबांधा, अंवंतिबाई चौक में ताबड़तोड़ छापा मार कार्रवाई कर विदेशी कनेक्शन होने के संदेह पर पूछताछ के लिए थाने ले गई। इस छापामारी की खबर में पूरी राजधानी में आधी रात को तहलका मचा दिया है। लोगों को समझ ही नहीं आ रहा है कि उन्हें किस गुनाह के आरोप में थाने उठा कर ले गई है। सभी लोग अपने खास औऱ राजनीतिक रसूखदार लोगों को फोन पर फोन कर मामले की जानकारी देते हुए रोते-रोते आधी रात का अफसाना सुनाते रहे है। खबरदारों का मानना है कि पुलिस और साइबर क्राइम विभाग को दिल्ली से इनपुट मिला था कि छत्तीसगढ़ में कुछ लोगों का विदेशी कनेक्शन है, नए साल औऱ 26 जनवरी के मद्दे नजर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस आधी रात कार्रवाई इसलिए की है कि कही भगदड़ न मचे इस कारण दिन के बजाय रात को कार्रवाई कर विदेशी कनेक्शन की पड़ताल करने एक्शन में आई है। फिर भी कुछ बदमाश किस्म के संदिग्ध फरार है। जिसको पुलिस तत्परता से ढूंढ रही है। बैजनाथपारा और छोटापारा मस्जिद के मुतवल्ली असफाक कुरैशी के छोटे भाई को भी बरमूडा और टी शर्ट में ही पुलिस उठा ले गई जिनका आफताब कुरैशी नाम है।
राजधानी पुलिस ने मंगलवार को ‘ऑपरेशन समाधान के तहत दूसरे राज्यों से आए 1 हजार से ज्यादा लोगों की तस्दीक की। यह कार्रवाई रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान और पतासाजी के लिए की गई। शुरुआती जांच में करीब 100 से ज्यादा ऐसे लोग सामने आए, जो पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश बॉर्डर के बताए जा रहे हैं। पुलिस को इनके दस्तावेज दुरुस्त नहीं मिले हैं और आशंका जताई जा रही है कि ये बांग्लादेशी नागरिक या रोहिंग्या हो सकते हैं। इनके मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच भी की जा रही है।
पुलिस ने जिन 100 से ज्यादा संदिग्धों की पहचान की है, वे मोवा, खमतराई, टिकरापारा और उरला थाना क्षेत्र में निवासरत हैं। ये ऑटो चलाने और मजदूरी का काम करते हैं। पुलिस ने इन पर कड़ी निगरानी रखने की बात कही है। दूसरे राज्य के लोग पूछताछ में केवल हाल के एक-दो सालों में रायपुर आने की जानकारी दे पाए। पुलिस को यह स्पष्ट नहीं है कि ये लोग कब से शहर में रह रहे हैं। ज्यादातर ने हाल के वर्षों में आने की बात बताई। एसएसपी डॉ. लाल उ मेद सिंह के निर्देश में सुबह चार बजे शहर के अलग-अलग इलाकों में छापामार अभियान चलाया गया। सीएसपी रैंक के अधिकारियों ने इस अभियान को लीड किया और बीट वाइज संदेहियों से पूछताछ करने के बाद उनके दस्तावेजों की जांच करने के लिए पुलिस लाइन लाया गया। पुलिस लाइन में संदेहियों के दस्तावेजों की जांच जारी है।
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