CG Naxalite Surrender : जगदलपुर। माओवादी आंदोलन को बड़ा झटका देते हुए संगठन के शीर्ष नेता बंडी प्रकाश ने मंगलवार को तेलंगाना के डीजीपी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। बंडी प्रकाश माओवादी पार्टी की विशेष क्षेत्रीय समिति (स्पेशल जोनल कमेटी) का सदस्य था और लंबे समय से सक्रिय था। उस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 25 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। यह आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ और तेलंगाना पुलिस, दोनों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।
बंडी प्रकाश तेलंगाना के मंचेरियल जिले के मंदामरी क्षेत्र का निवासी है। छात्र जीवन में वह वामपंथी विचारधारा से प्रभावित हुआ और 1982–84 के बीच हुए ‘गांव चलो’ आंदोलन के दौरान रेडिकल स्टूडेंट्स यूनियन से जुड़ा। बाद में उसने सिंगरेनी वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष के रूप में काम किया और धीरे-धीरे संगठन की ऊंची कमेटियों तक पहुंच गया।
संगठन में वह ‘प्रभात’, ‘अशोक’ और ‘क्रांति’ नामों से जाना जाता था। हाल के महीनों में बढ़ते पुलिस दबाव, शीर्ष माओवादी नेताओं के मारे जाने और कई साथियों के आत्मसमर्पण के बाद उसने भी मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
हाल ही में पोलित ब्यूरो सदस्य एवं केंद्रीय क्षेत्रीय ब्यूरो प्रमुख भूपति और केंद्रीय समिति सदस्य रूपेश उर्फ सतीश के नेतृत्व में 271 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। इसके अगले दिन कांकेर क्षेत्र में 20 नक्सलियों ने भी हथियार डाल दिए थे।
बंडी प्रकाश के आत्मसमर्पण से दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी की गतिविधियों पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। इससे पहले भूपति की पत्नी तारक्का, उसकी भाभी सुजाता और माओवादी नेता सुधाकर की पत्नी ककराला सुनीता भी आत्मसमर्पण कर चुकी हैं। लगातार आत्मसमर्पण की यह कड़ी माओवादी संगठन के भीतर घटते मनोबल और आंतरिक असंतोष को दर्शाती है।
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