दुर्ग। जिले में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण धान की लेही विधि और सीधी बुवाई करने वाले किसानों के खेतों में जलभराव की समस्या आ रही है, जिससे अंकुरण प्रभावित होने की संभावना है। ऐसे में जिन किसानों को नए बीज की आवश्यकता है, वे जिले की विभिन्न समितियों और प्रक्रिया केंद्रों से नकद भुगतान कर बीज प्राप्त कर सकते हैं।
बीज बचत समिति द्वारा प्राप्त विवरण के अनुसार जिले के बीज प्रक्रिया केन्द्र में आज दिनांक की स्थिति में कुल 1406.56 क्विंटल बीज शेष है। जिसमें धान की एमटीयू-1153, एमटीयू-1010, विक्रम टीसीआर, एमटीयू-1156, एमटीयू-1153, सीजी धान-1919, छ.ग. देवभोग, महामाया, विष्णुभोग सलेक्सन-1, एमटीयू-1001, एमटीयू-1010 एवं राजेश्वरी इत्यादि किस्मों के कुल 423.30 क्विंटल बीज शामिल है।
इसी प्रकार बीज प्रक्रिया केन्द्र में अरहर के जीआरजी-152, बीडीएन-716, सीजी अरहर-1 तथा आईपीए-15-06 किस्म के कुल 41.48 क्विंटल बीज, उड़द के इंद्र प्रथम एवं कोटा उड़द-4 किस्म के 41.92 क्विंटल, मूंग के जीएएम-5 किस्म के 0.90 क्विंटल तथा रागी के व्हीएल-376 किस्म के 1.20 क्विंटल बीज उपलब्ध है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की किसान हितैषी निति के तहत किसान भाइयों को उनकी जरूरत के अनुसार अच्छी गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराने और बारिश के कारण प्रभावित बीजों के लिए समय पर राहत देने की व्यवस्था की गई है। किसान अपनी आवश्यकतानुसार इन केंद्रों से बीज खरीद कर अपनी बुवाई की समस्या का समाधान कर सकते हैं।
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