Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Knock India
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Knock India
    Home » Blog » सफलता की नई इबादत लिख रहीं कोण्डागांव जिले की महिलाएं
    छत्तीसगढ़

    सफलता की नई इबादत लिख रहीं कोण्डागांव जिले की महिलाएं

    News DeskBy News DeskMarch 10, 2025No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    सफलता की नई इबादत लिख रहीं कोण्डागांव जिले की महिलाएं
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    बिहान से जुड़कर हो रहीं सशक्त, मेहनत और लगन से परिवार को दे रहीं आर्थिक संबल

    रायपुर। महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। कोण्डागांव जिले की महिलाएं अब सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कृषि, पशुपालन, सिलाई, बुनाई, दुकान और अन्य छोटे व्यवसायों से जुड़कर अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं। जिले की कई महिलाएं अपनी मेहनत और लगन से शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर सफलता की नई कहानी लिख रही हैं। आज हम ऐसी ही महिलाओं की प्रेणादायक कहानी साझा कर रहे हैं, जिन्होंने बिहान से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की।

    चंद्रिका मरकाम बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल

    ऐसी ही कहानी माकड़ी विकासखंड के ग्राम पंचायत ओण्डरी की रहने वाली श्रीमती चंद्रिका मरकाम की है, जिन्होंने वर्ष 2014 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ के अंतर्गत मां शक्ति स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने आत्मनिर्भर बनने की यात्रा शुरू की। उस समय उनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी, और परिवार पूरी तरह से कृषि पर निर्भर था, जिससे होने वाली आय परिवार के जीवनयापन के लिए पर्याप्त नहीं था।

    स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया। ’’बिहान’’ के तहत मिली वित्तीय सहायता से उन्होंने डेयरी व्यवसाय की शुरुआत की। धीरे-धीरे व्यवसाय को बढ़ाया, जिससे अब उन्हें स्थायी आय प्राप्त हो रही है। वर्तमान में श्रीमती चंद्रिका मरकाम को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से 2,18,000 रुपये की वार्षिक आय हो रही है, जिसमें डेयरी व्यवसाय और कृषि से प्राप्त आय शामिल है। राज्य शासन की महतारी वंदन योजना की राशि सहित उन्हें महीने में कुल 18,166 रूपए की आमदनी हो रही है। अब उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो चुकी है और वे अपने परिवार की सभी आवश्यकताओं को आसानी से पूरा कर पा रही हैं। साथ ही बच्चों की शिक्षा में भी अब कोई बाधा नहीं है। श्रीमती चंद्रिका मरकाम ने बिहान से जुड़कर आत्मविश्वास और अपनी मेहनत के बल पर इस मुकाम पर पहुंची है, जो जिले के अन्य महिलाओं के लिए एक मिसाल है।

    संतोषी ने कपड़ा व्यवसाय से परिवार को दी आर्थिक मजबूती

    ग्राम पंचायत हीरापुर, विकासखंड माकड़ी की रहने वाली संतोषी देवांगन शादी के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं। उनके पति की एक छोटी सी दुकान थी, जिससे घर चलाना मुश्किल हो रहा था। पूंजी की कमी के कारण वे कोई नया काम नहीं कर पा रही थीं। वर्ष 2017 में उन्होंने 10 महिलाओं के साथ मिलकर जय मां धरती स्व-सहायता समूह से जुड़ने का फैसला किया।

    समूह की बचत सामुदायिक निवेश कोष एवं बैंक लिंकेज से प्राप्त 8.51 लाख रुपये की सहायता से उन्होंने कपड़े की दुकान शुरू की। धीरे-धीरे उनकी दुकान में ग्राहकों की संख्या बढ़ी और अब वे हर महीने 18,000 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। साथ ही संतोषी को राज्य सरकार के द्वारा महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है। इस तरह आज संतोषी न सिर्फ अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं, बल्कि अपने दो बच्चों को अच्छी शिक्षा भी दिला रही हैं। उनके पति को भी व्यापार में सहयोग मिल रहा है, जिससे उनका परिवार समृद्ध और आत्मनिर्भर बन चुका है।

    मुर्गी एवं बटेर पालन से अनिता को मिली एक नई पहचान

    कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड के धनोरा गांव की अनिता मंडावी पहले केवल मजदूरी और कृषि पर निर्भर थीं। वर्ष 2018 में उन्होंने जय अम्बे स्व-सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया और वर्ष 2022 में मुर्गी एवं बटेर पालन का कार्य शुरू किया। उन्होंने बैंक एवं सामुदायिक निवेश कोष से 1.50 लाख रुपये की सहायता प्राप्त की और 1 लाख रुपये की लागत से व्यवसाय की शुरुआत की। आज उनकी मासिक आय 20,000 रुपये तक पहुंच गई है, अनिता को महतारी वंदन योजना के तहत एक हजार रूपये हर महीने मिल रहा है इसके साथ ही कृषि, मजदूरी भी करती हैं। इस तरह अनिता बिहान से जुड़ कर अब तक 3 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर चुकी हैं और उनका परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हो गया है। अब वे अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

    उन्नत खेती से लखपति बनीं दयावती देवांगन

    ग्राम पंचायत बफना की श्रीमती दयावती देवांगन ने कड़ी मेहनत और नई कृषि तकनीकों को अपनाकर आर्थिक समृद्धि की ओर कदम बढ़ाया है। उन्होंने आईएफसी क्लस्टर के तहत सब्जी उत्पादन शुरू किया और अब तक एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर लखपति दीदी बन गई हैं।

    दयावती ने अपने एक एकड़ खेत में मिर्ची, बरबटी, प्याज और लौकी की खेती शुरू की। पहले परंपरागत खेती करने के कारण उत्पादन कम था, लेकिन ड्रिप सिंचाई तकनीक अपनाने से न केवल उत्पादन में वृद्धि हुई, बल्कि पानी की भी बचत हुई। उन्होंने जैविक खाद का उपयोग कर स्वास्थ्यवर्धक और ताजी सब्जियां उगा रही है।

    दयावती जय मां शारदा स्व-सहायता समूह की सदस्य हैं। पहले उनके परिवार की आय केवल खेती पर निर्भर थी, जिससे घर चलाना मुश्किल हो रहा था। समूह से जुड़ने के बाद वे कृषि सखी बनीं और आधुनिक खेती शुरू की, जिससे अच्छी आमदनी होने लगी। दयावती के परिवार को राज्य सरकार के महतारी वंदन योजना के तहत 3,000 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि मिल रही है। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत सालाना 6,000 की आर्थिक मदद मिल रहा है। आज दयावती का परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है और घर के बच्चों को बेहतर शिक्षा भी दे पा रही हैं।

    News Desk

    Related Posts

    धरमजयगढ़ में न्याय दिलाने पहुंची सामाजिक कार्यकर्ता खुद फंसी विवादों में; पीड़िता के बदले सुर, ब्लैकमेलिंग के आरोपों से हड़कंप

    September 5, 2026

    2017 से फरार चल रहे चिटफंड कंपनी के मुख्य आरोपी की तलाश खत्म; पुलिस ने जशपुर से हिरासत में लेकर कराया न्यायिक रिमांड

    September 5, 2026

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में ग्रामीण स्वच्छता को मिल रही नई गति, रायगढ़ में 2,495 ग्रामीण परिवारों के घरों में बनेंगे शौचालय, 299.40 लाख रुपये की स्वीकृति…..

    September 5, 2026

    सीजीपीएससी ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के परिणाम को लेकर स्थिति की स्पष्ट….

    September 5, 2026

    AI के युग में शिक्षक बनें विद्यार्थियों के मार्गदर्शक, तकनीक के विवेकपूर्ण उपयोग की दें सीख : राज्यपाल श्री डेका

    September 5, 2026

    भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की देता है प्रेरणा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…..

    September 5, 2026
    RO.NO.= 13954/ 80
    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - KHURSHID ALAM
    मोबाइल - 07828272058
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Near Ratan Bhawan Phool Chowk Nayapara,CSEB Road Raipur (C.G.)
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.