गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। जिले में लंबित मामलों के निराकरण, फरार आरोपियों और वारंटियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत रायगढ़ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए घरघोड़ा पुलिस ने लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाली बहुचर्चित चिटफंड कंपनी “शुष्क इंडिया लिमिटेड” के लंबे समय से फरार चल रहे डायरेक्टर को जशपुर से हिरासत में लेकर रायगढ़ लाया और न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के सुपरविजन में चलाए गए इस ऑपरेशन के दौरान थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू को सटीक मुखबिर से सूचना मिली थी कि वर्ष 2017 से दर्ज धोखाधड़ी के मामले का वांछित आरोपी और कंपनी का डायरेक्टर सुनील तिवारी जशपुर इलाके में देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए दबिश देकर आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर निवेशकों से कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच देकर लाखों रुपये जमा कराने और बाद में कंपनी बंद कर फरार होने की बात स्वीकार कर ली।
यह पूरा मामला मार्च 2017 का है, जब नवापारा घरघोड़ा निवासी प्रार्थी लालबाबू गुप्ता ने थाना घरघोड़ा में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि स्थानीय एजेंट राजकुमार कोसे द्वारा “शुष्क इंडिया लिमिटेड” नामक कंपनी के नाम पर मासिक और फिक्स डिपॉजिट स्कीम चलाकर वर्ष 2012 से दर्जनों लोगों से हर महीने पैसे जमा कराए गए थे। वर्ष 2016 में कंपनी अचानक दफ्तर बंद कर निवेशकों के पैसे हड़पकर फरार हो गई। इस पर घरघोड़ा पुलिस ने अपराध क्रमांक 61/2017, धारा 420, 467, 468 भादवि तथा छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 6 और 10 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
प्रारंभिक जांच में स्थानीय एजेंट राजकुमार कोसे को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद मुख्य संचालकों तक पहुंचने के लिए धारा 173(8) जाफौ के तहत विवेचना जारी रखते हुए रजिस्टर ऑफ कंपनीज (ROC) ग्वालियर से पत्राचार किया गया। आरओसी से प्राप्त आधिकारिक जानकारियों में कंपनी के मुख्य तीन डायरेक्टर्स—दिनेश सैनी (निवासी शाजापुर, म.प्र.), नरेंद्र लोधी (निवासी शाजापुर, म.प्र.) और सुनील तिवारी (निवासी इंदौर, म.प्र.) के नाम सामने आए थे। इनमें से एक आरोपी दिनेश सैनी को वर्ष 2022 में केंद्रीय जेल उज्जैन से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया गया था।
प्रकरण में लगातार फरार चल रहे तीसरे मुख्य आरोपी सुनील तिवारी (उम्र 41 वर्ष, निवासी द्वारिकापुरी इंदौर / हाल मुकाम भानपुर भोपाल) की तलाश में पुलिस जुटी हुई थी। 3 सितंबर 2026 को मिली पक्की सूचना के आधार पर घरघोड़ा पुलिस की टीम ने उसे जशपुर से दबोच लिया। आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस पूरी प्रभावी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू, एएसआई डेविड टोप्पो और आरक्षक हरीश पटेल की सराहनीय भूमिका रही।
