गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा (रायगढ़)। Gharghoda Burglaries Spiraling Out Of Control का मामला सामने आने से पूरे रायगढ़ जिले के व्यापारिक हलके में हड़कंप मच गया है। घरघोड़ा नगर में चोरों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लगातार दूसरी रात चोरों ने पुलिस को खुली चुनौती देते हुए फिर दो दुकानों में सेंधमारी की वारदात को अंजाम दिया। मुख्य मार्ग पर एक साथ तीन दुकानों के शटर टूटने के महज 24 घंटे के भीतर नगर के हृदयस्थल जय स्तंभ क्षेत्र की दो प्रतिष्ठित दुकानों के ताले टूटने से व्यापारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
पहले 3 दुकानें, अब 2 और: चोरों ने पुलिस को दी खुली चुनौती
घटनाक्रम के अनुसार, शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात चोरों ने रायगढ़-घरघोड़ा मुख्य मार्ग पर स्थित इंडियन गैस एजेंसी, प्रियदर्शी शॉप और पूजा रेस्टोरेंट के शटर तोड़कर नगदी समेत कीमती सामान पार कर दिया था। पुलिस अभी इस वारदात के सीसीटीवी फुटेज खंगाल ही रही थी कि शनिवार-रविवार की दरमियानी रात शातिर चोरों ने जय स्तंभ क्षेत्र स्थित संतोष किराना और गोकुल चंद मामराज की दुकान को निशाना बना डाला। जांच पूरी होने से पहले ही लगातार 5 दुकानों में चोरी होना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
रात्रिकालीन गश्त पर उठे गंभीर सवाल
नगर के सबसे व्यस्त और प्रमुख बाजार इलाके में लगातार दो रातों तक शटर टूटने की घटनाओं ने पुलिस की रात्रिकालीन पेट्रोलिंग व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी है। व्यापारियों और आम नागरिकों का सीधा सवाल है:
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कागजी गश्त: क्या पुलिस की रात्रिकालीन गश्त केवल कागजों और थाने के लॉगबुक तक ही सीमित रह गई है?
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सुरक्षा में चूक: जब मुख्य मार्ग पर 3 दुकानों में चोरी हो चुकी थी, तो अगले ही दिन बाजार क्षेत्र में सुरक्षा और पिकेटिंग क्यों नहीं बढ़ाई गई?
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बेखौफ अपराधी: शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर चोर बेखौफ होकर शटर उखाड़ रहे हैं, तो उस वक्त गश्ती टीम कहां तैनात थी?
व्यापारियों में बढ़ता आक्रोश, ठोस कार्रवाई की मांग
लगातार हो रही सेंधमारी से आक्रोशित स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई है। दुकानदारों का कहना है कि शाम को दुकान बंद करने के बाद पूरे परिवार को रातभर सुरक्षा का डर सताता रहता है। व्यापारिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन से केवल आश्वासन देने के बजाय तुरंत आरोपियों की गिरफ्तारी, चोरी गए माल की बरामदगी और रात्रिकालीन गश्त को धरातल पर कड़ा करने की मांग की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि रायगढ़ पुलिस इन सिलसिलेवार वारदातों का पर्दाफाश कब तक कर पाती है।
