गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। रायगढ़ जिले की बहुप्रतीक्षित और औद्योगिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रायगढ़-पूंजीपथरा-घरघोड़ा फोरलेन सड़क परियोजना को लेकर बड़ी प्रशासनिक सफलता मिली है। छत्तीसगढ़ शासन के लोक निर्माण विभाग ने करीब 37 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग से प्रभावित भूमि के भू-अर्जन एवं वन भूमि व्यपवर्तन कार्य के लिए 212 करोड़ 90 लाख 51 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। लोक निर्माण विभाग मंत्रालय, नवा रायपुर द्वारा वित्त विभाग की सहमति के आधार पर 7 सितंबर 2026 को यह आधिकारिक आदेश जारी किया गया है।
37 किमी लंबे फोरलेन से औद्योगिक और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी होगी मजबूत
रायगढ़-पूंजीपथरा-घरघोड़ा मार्ग रायगढ़ जिले के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाली जीवनरेखा माना जाता है। लगभग 37 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के फोरलेन बन जाने से भारी वाहनों के सुगम आवागमन, दुर्घटनाओं में कमी लाने और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में बड़ी मदद मिलेगी। परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की बैठकों में मार्ग की तकनीकी तैयारियों, प्रभावित निजी भूमि के अधिग्रहण तथा वन भूमि व्यपवर्तन की प्रक्रियाओं की लगातार समीक्षा की जा रही थी।
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स्वीकृत ₹212.90 करोड़ की राशि के उपयोग पर शासन ने लगाई कड़ी शर्तें
शासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृत 212.90 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग केवल निर्धारित भू-अर्जन और वन भूमि व्यपवर्तन कार्य के लिए ही किया जाएगा। किसी अन्य मद की बचत राशि से बिना पूर्व अनुमति के कार्य नहीं किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि प्रस्तावित भूमि का पूर्व में अधिग्रहण न हुआ हो और किसी भी प्रकार के अधिक भुगतान या त्रुटि पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
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लैंड पूलिंग और व्यावसायिक विकास के विकल्पों पर भी विचार
परियोजना समिति की बैठकों में फोरलेन मार्ग के दोनों ओर लगभग 500-500 मीटर के दायरे में प्लानिंग स्कीम, लैंड पूलिंग तथा व्यावसायिक एवं औद्योगिक भूमि विकास जैसे आधुनिक विकल्पों पर भी सुझाव दिया गया है, ताकि भू-स्वामियों को मुआवजे के साथ-साथ वैकल्पिक विकास के लाभ मिल सकें। इस प्रशासकीय स्वीकृति के बाद अब भूमि अधिग्रहण और वन भूमि से जुड़ी प्रक्रियाओं में तेजी आएगी, जिसके उपरांत फोरलेन सड़क निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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