गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। रायगढ़ जिले में फर्जी दस्तावेजों के जरिए आदिवासी और शासकीय भूमि के अवैधानिक अंतरण और खरीद-बिक्री के गंभीर मामले में कापू थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी तत्कालीन हल्का पटवारी राकेश साय को धरमजयगढ़ के गनपतपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी दस्तावेज तैयार करने में इस्तेमाल किए गए एक लैपटॉप और प्रिंटर को भी जब्त किया है।
कापू थाने में तत्कालीन पटवारी राकेश साय और उसके सहयोगियों के खिलाफ फर्जीवाड़ा और कूटचित दस्तावेज तैयार करने के दो अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। पहला मामला ग्राम डुमरनारा की खसरा नंबर 409 भूमि से संबंधित है। यह भूमि राजस्व अभिलेखों में पण्डो जनजाति के सदस्यों के नाम पर दर्ज थी। आरोपी पटवारी ने बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के वर्ष 2023-24 के अभिलेखों में हेरफेर कर इसे गैर-आदिवासी के नाम दर्ज करा दिया। इसके बाद जाली आधार कार्ड और फर्जी विक्रेताओं को खड़ा कर रायपुर निवासी एक महिला के नाम रजिस्टर्ड विक्रय पत्र निष्पादित करवा दिया गया।
दूसरा मामला ग्राम पंचायत रायमेर की शासकीय भूमि के अवैधानिक अंतरण से जुड़ा है। इसमें खसरा नंबर 467/23, 467/25 और 467/36 की सरकारी जमीन को कूटरचित दस्तावेजों के जरिए निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज कर फर्जी पट्टे तैयार किए गए और दलालों के माध्यम से रजिस्ट्री करा दी गई। कापू तहसीलदार उन्मेश पटेल की लिखित रिपोर्ट और जांच प्रतिवेदन के आधार पर कापू थाने में अपराध क्रमांक 108/2026 और 131/2026 के तहत भादवि की धारा 419, 420, 467, 468, 471 और 120 (बी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।
अपराध पंजीबद्ध होने के बाद से ही मुख्य आरोपी पटवारी राकेश साय (पिता शशिभूषण साय, 45 वर्ष, निवासी सिविल लाइन धरमजयगढ़) लगातार फरार चल रहा था। एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के सुपरविजन और थाना प्रभारी कापू निरीक्षक दाताराम तिर्की के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों प्रकरणों में संलिप्त अन्य आरोपियों, विक्रेताओं और फर्जी साक्षियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
