Raipur. रायपुर। भारत के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज देर रात रायपुर पहुंच गए हैं। उनका यह दौरा तीन दिन का है और इसके दौरान वह नवा रायपुर में आयोजित 60वें अखिल भारतीय DGP-IGP सम्मेलन में भाग लेंगे। पहले उनका रायपुर पहुंचने का कार्यक्रम 28 नवंबर दोपहर के लिए तय था, लेकिन संशोधित शेड्यूल के अनुसार अमित शाह आज रात विशेष विमान से रायपुर पहुंचे। उनके आगमन पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, वित्तमंत्री ओपी चौधरी, कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव, कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह समेत कई मंत्री और विधायक उपस्थित रहे और उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री का भव्य स्वागत किया। नवा रायपुर स्थित आईआईएम परिसर में 28 से 30 नवंबर तक यह सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के अलावा देश के वरिष्ठ पुलिस और सुरक्षा अधिकारी भाग लेंगे। इस अवसर पर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक सख्ती से लागू किया गया है। मंगलवार को एसपीजी की टीम भी आईआईएम परिसर में कार्यक्रम स्थल और सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेगी।
तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना है। सम्मेलन में साइबर सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी रणनीतियां, ड्रग्स नियंत्रण, सीमा प्रबंधन और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों पर विशेष विचार-विमर्श होगा। पहले दिन सम्मेलन में दो सत्र आयोजित होंगे, दूसरे दिन चार और तीसरे दिन दो सत्र होंगे। अमित शाह और अजीत डोभाल सभी तीनों दिन उपस्थित रहेंगे, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिनों के सत्रों में शामिल होने की संभावना रखते हैं। 27 नवंबर को सम्मेलन का रिहर्सल होगा और इसकी तैयारियों के लिए अधिकारी पूरे दिन सक्रिय हैं।
देशभर के DGP और IGP इस सम्मेलन में भाग लेंगे। सभी राज्य अपने अपराध नियंत्रण और सुरक्षा सुधारों पर विस्तृत प्रस्तुतियां देंगे। सम्मेलन में देशभर के लिए साझा गाइडलाइन तैयार करने हेतु एक मॉडल स्टेट का चयन भी किया जाएगा। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह उपस्थित रहेंगे, जबकि समापन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन को संबोधित करेंगे। एसपीजी टीम के आगमन के साथ ही नवा रायपुर क्षेत्र की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। अधिकारी कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं। सम्मेलन में भाग लेने वाले अधिकारियों और अतिथियों के आवास के लिए विभिन्न स्थानों पर विशेष तैयारियां की गई हैं। सर्किट हाउस, ठाकुर प्यारेलाल संस्थान और निमोरा अकादमी में वरिष्ठ अधिकारियों के लिए सैकड़ों कमरे आरक्षित किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ के लिए यह सम्मेलन महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पहले यह आयोजन ओडिशा के भुवनेश्वर में हुआ था। इस बार छत्तीसगढ़ को सम्मेलन की मेजबानी मिली है, जिसे राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। विशेष बात यह है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह राज्य में एक महीने के भीतर दूसरा दौरा है। इससे पहले वे राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ आए थे। सम्मेलन में 33 राज्यों से DGP और विभिन्न पैरामिलिट्री फोर्स के DG/ADG सहित लगभग 75 वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इन अधिकारियों की सुरक्षा और संचालन के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक इंतजाम किए हैं। इसके तहत कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी निगरानी, मोबाइल जामर, बैरिकेडिंग और विशेष गश्त टीमों की तैनाती की गई है।
सम्मेलन के दौरान साइबर सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी रणनीतियां, ड्रग्स नियंत्रण, सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। राज्यों की पुलिस प्रमुख अपनी सुरक्षा रणनीतियों और अपराध नियंत्रण के अनुभव साझा करेंगे। साथ ही मॉडल स्टेट का चयन कर उसकी कार्यप्रणाली अन्य राज्यों के साथ साझा करने की योजना बनाई गई है। राज्य सरकार ने भी सम्मेलन के दौरान राजधानी रायपुर में यातायात और जनजीवन प्रभावित न हो, इसके लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। कार्यक्रम स्थल के आसपास और प्रमुख मार्गों पर यातायात पुलिस की तैनाती की गई है। अधिकारियों ने शहरवासियों से आग्रह किया है कि वे सुरक्षा कारणों से निर्धारित मार्गों का पालन करें और आयोजनों के दौरान सहयोग करें। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इस दौरे से छत्तीसगढ़ में सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था और उच्च स्तरीय पुलिस नेतृत्व की अहमियत बढ़ी है। यह सम्मेलन राज्य के लिए गौरवपूर्ण अवसर है और इससे प्रदेश में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर व्यापक जागरूकता बढ़ेगी।
