गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ स्थित संयुक्त एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (हीरापुर, लैलूंगा) में गुरुवार को अव्यवस्थाओं और बदहाली को लेकर छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। विद्यालय प्रशासन और प्रभारी प्राचार्य के उदासीन रवैये से परेशान होकर सैकड़ों विद्यार्थियों ने कक्षाओं का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया और परिसर में उग्र प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।
मीडिया और स्थानीय प्रशासन के सामने विद्यार्थियों ने रोष व्यक्त करते हुए विद्यालय की दयनीय स्थिति का खुलासा किया। छात्रों का आरोप है कि उन्हें परोसे जाने वाले भोजन में आए दिन कीड़े और कांच के टुकड़े मिलते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। वहीं छात्राओं ने बताया कि गर्ल्स वॉशरूम इतने गंदे और बदबूदार हैं कि उनका इस्तेमाल करना असंभव हो चुका है।
इसके अलावा, 10वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के पास पढ़ने के लिए पाठ्यपुस्तकें तक उपलब्ध नहीं हैं। स्पोर्ट्स सामग्री, शैक्षणिक टूर, यूनिफॉर्म और वार्षिक उत्सव जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी बच्चे वंचित हैं। छात्रों ने सीधे प्रभारी प्राचार्य पर मनमानी और लगातार अनुपस्थित रहने का आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग की है।
| प्रमुख समस्या / विषय | विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए आरोप एवं जमीनी स्थिति |
| भोजन की गुणवत्ता | भोजन में नियमित रूप से कीड़े व कांच के टुकड़े मिलने की शिकायत |
| स्वच्छता व स्वास्थ्य | वॉशरूम अत्यंत गंदे व बदबूदार; छात्राओं में बीमारी फैलने का खतरा |
| शैक्षणिक सामग्री | 10वीं बोर्ड के छात्रों के पास पाठ्यपुस्तकों और स्पोर्ट्स किट का अभाव |
| प्रशासनिक लापरवाही | प्राचार्य का महीने में एकाध बार आना; लिखित शिकायतों की अनदेखी |
| प्रभारी प्राचार्य का पक्ष | 4 हॉस्टल होने से भूल-चूक की बात स्वीकार; कांच मिलने की पुरानी घटना मानी |
मामले पर सफाई देते हुए प्रभारी प्राचार्य ने कैमरे पर स्वीकार किया कि पूर्व में भोजन में कांच मिलने की घटना हुई थी, जिसके बाद रसोइयों को चेतावनी दी गई थी। उन्होंने तर्क दिया कि 4-4 हॉस्टलों का संचालन करने और रायगढ़ एससी ऑफिस के शासकीय कार्यों से बाहर रहने के कारण वे नियमित रूप से उपस्थित नहीं हो पाते। हालांकि, छात्रों का कहना है कि स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा आदिवासी बच्चों की गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा के लिए भारी-भरकम बजट जारी किए जाने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव प्रशासनिक विफलता को उजागर करता है। छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
