गौरी शंकर गुप्ता/जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले अंतर्गत पत्थलगांव में किसानों के साथ उर्वरक एवं खाद की बिक्री में मनमानी, अवैध वसूली और कालाबाजारी का एक बड़ा मामला सामने आया है। जशपुर रोड स्थित ‘जय वाला जी खाद भंडार’ (संचालक: धीरज अग्रवाल) पर केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित एमआरपी (MRP) से लगभग दोगुने दाम वसूलने और आधिकारिक पक्का बिल न देने का गंभीर आरोप लगा है।
पीड़ित किसानों और शिकायतकर्ता ने इस धांधली के खिलाफ कलेक्टर, स्थानीय थाना प्रभारी, कृषि विभाग तथा जीएसटी कमिश्नर को लिखित आवेदन सौंपकर संबंधित दुकान संचालक के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है।
निर्धारित मूल्य से दोगुना दाम और डिजिटल पेमेंट से इंकार
शिकायत के अनुसार, खरीफ सीजन में खाद की किल्लत और मांग का फायदा उठाकर दुकान संचालक द्वारा किसानों का शोषण किया जा रहा है:
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शासकीय दर: प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना (PMBJP) के तहत 45 किलोग्राम ‘भारत यूरिया’ का शासकीय निर्धारित मूल्य ₹266.50 प्रति बोरी है।
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अवैध वसूली: आरोप है कि दुकान पर किसानों से ₹450 से ₹500 प्रति बोरी की दर से जबरन राशि वसूली जा रही है।
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टैक्स चोरी: पक्का बिल मांगने पर स्पष्ट इंकार कर दिया जाता है और यूपीआई (PhonePe/Paytm) पेमेंट न लेकर केवल नकद (Cash) भुगतान ही लिया जाता है, जिससे टैक्स चोरी की आशंका भी जताई जा रही है।
अनुविभागीय अधिकारी (SDO) कृषि का कड़ा रुख
मामला मीडिया में आने के बाद पत्थलगांव कृषि विभाग के अनुविभागीय अधिकारी (SDO) राकेश कुमार पैकरा ने निरीक्षण और नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है:
| प्रमुख बिंदु | कृषि अधिकारी (SDO) का स्पष्टीकरण |
| शासकीय दर | 45 किग्रा भारत यूरिया का आधिकारिक रेट ₹266.50 ही है। |
| जांच व जब्ती | शिकायत के आधार पर दुकान का तत्काल निरीक्षण होगा। अनियमितता पाए जाने पर स्टॉक जब्त किया जाएगा। |
| लाइसेंस कार्रवाई | ओवरचार्जिंग पाए जाने पर दुकान का लाइसेंस निलंबित अथवा निरस्त किया जाएगा। |
| राशि वापसी | किसानों से वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस कराने का निर्देश दुकानदार को दिया जाएगा। |
| कानूनी प्रावधान | ‘उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985’ (Fertilizer Control Order 1985) की धाराओं के तहत कार्रवाई होगी। |
एसडीओ ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी पंजीकृत समितियों से केसीसी (KCC) के माध्यम से खाद खरीदें और निजी दुकानों से शासकीय दर पर ही पक्का बिल लेकर खरीदारी करें।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत FIR दर्ज करने की मांग
पीड़ित किसानों और शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि दुकान संचालक धीरज अग्रवाल के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 (Section 3/7) एवं भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी व गबन की धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
