गौरी शंकर गुप्ता/बिलासपुर। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) श्री राम गोपाल गर्ग ने मंगलवार को रेंज स्तरीय उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में रेंज के सभी जिलों—बिलासपुर, रायगढ़, मुंगेली, कोरबा, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, सक्ती, जांजगीर-चांपा और सारंगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) व पुलिस अधीक्षक (SP) शामिल हुए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य पुलिसिंग में पारदर्शिता, डिजिटल तकनीकों के 100% उपयोग, मुकदमों के त्वरित निस्तारण और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना रहा।
1. ई-समन और गूगल शीट से रियल-टाइम मॉनिटरिंग
आईजी गर्ग ने न्यायालयीन समन और वारंट की तामिली में होने वाली देरी को खत्म करने के लिए आधुनिक सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया:
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गूगल शीट से मॉनिटरिंग: थानों में पदस्थ कोर्ट आरक्षक गूगल शीट में समन/वारंट की तामिली, अदम तामिली के कारण और गवाहों की उपस्थिति का रियल-टाइम ब्योरा दर्ज करेंगे।
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WhatsApp ई-समन: अधिसूचित व्यवस्था के तहत व्हाट्सएप (WhatsApp) के जरिए भी ई-समन भेजा जा सकेगा, जिसमें प्राप्तकर्ता द्वारा भेजे गए ‘OK’ रिप्लाई का स्क्रीनशॉट कानूनी तौर पर मान्य माना जाएगा।
2. ‘न्याय श्रुति’ (VC गवाही) और ‘ई-साक्ष्य’
न्यायिक प्रक्रियाओं में समय की बचत और साक्ष्यों की सुरक्षा के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है:
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वीसी से गवाही: थानों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) उपकरणों से लैस किया जाएगा ताकि गवाहों को ‘न्याय श्रुति’ के तहत ऑनलाइन बयान दर्ज कराने की सुविधा मिले।
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ई-साक्ष्य (BNSS धारा 105): भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत जब्ती, तलाशी और बयानों की वीडियो रिकॉर्डिंग (ई-साक्ष्य) अनिवार्य रूप से की जाएगी।
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आइडियल CCTNS थाना: हर जिले में एक थाने को मॉडल CCTNS पुलिस स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ विवेचक (IO) स्वयं ऑनलाइन एंट्री करेंगे।

3. नागरिक सत्यापन और संपत्ति अपराधों पर नकेल
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समाधान ऐप से वेरिफिकेशन: अवैध प्रवासियों, किरायेदारों, संदिग्धों और फेरीवालों का ‘समाधान ऐप’ के माध्यम से नियमित सत्यापन अनिवार्य होगा, जिसकी साप्ताहिक रिपोर्ट आईजी कार्यालय भेजी जाएगी।
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सशक्त ऐप (इंजन/चेसिस नंबर): बाइक चोरी जैसी घटनाओं पर एफआईआर दर्ज करते समय वाहन का इंजन व चेसिस नंबर सही दर्ज किया जाएगा, जिससे ‘सशक्त ऐप’ का डेटाबेस तुरंत अपडेट हो सके।
“पुलिसिंग में शत-प्रतिशत गुणवत्ता, शुद्धता और समयबद्धता होनी चाहिए। आधुनिक तकनीक के उपयोग से थानों में पेंडेंसी कम होगी और न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।”
— श्री राम गोपाल गर्ग, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), बिलासपुर रेंज