गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा (रायगढ़)। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा स्थित अपर सत्र न्यायालय ने हत्या के एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। माननीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री अभिषेक शर्मा के न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद के साथ ₹1,000 के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
यह मामला थाना घरघोड़ा के अपराध क्रमांक 253/2021 से जुड़ा हुआ है। घटना ग्राम बस्ती पाली की है, जहां 9 अगस्त 2021 की दोपहर लगभग 12 बजे आरोपी तेल सिंह राठिया ने पुरानी रंजिश और शंका के चलते इस खूनी वारदात को अंजाम दिया था।
मामूली विवाद में टांगी से कर दिया था जानलेवा हमला
अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी तेल सिंह राठिया को शंका थी कि मृतक समुन्दर राठिया ने उसके खेत में लगे बोरवेल में पत्थर डाल दिया है। इसी बात को लेकर आरोपी गाली-गलौज करते हुए समुन्दर के घर के पास जान से मारने की धमकी दे रहा था। उसी समय समुन्दर राठिया वहां पहुंच गया। उसे देखते ही आरोपी गुस्से से आगबबूला हो गया और अपने पास रखी धारदार टांगी से उसके सिर पर जानलेवा वार कर दिया और मौके से फरार हो गया।
गंभीर चोट लगने के कारण समुन्दर राठिया मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। परिजनों ने आनन-फानन में उसे उपचार के लिए घरघोड़ा अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की लिखित सूचना नरेश राठिया द्वारा थाना घरघोड़ा में दर्ज कराई गई थी।
पुलिस विवेचना और अदालती कार्यवाही
मामले की सूचना मिलते ही तत्कालीन विवेचना अधिकारी एडमोन खेस ने तत्परता से जांच शुरू की और सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाकर आरोपी तेल सिंह राठिया के विरुद्ध हत्या का अभियोग पत्र (चार्जशीट) न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्रकरण की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सभी प्रत्यक्षदर्शियों व साक्षियों के बयान दर्ज किए।
मामले में राज्य सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक (APP) राजेश सिंह ठाकुर ने मजबूती से पक्ष रखा और आरोपी के खिलाफ कड़े साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की अंतिम बहस व तर्कों को सुनने के पश्चात न्यायालय ने आरोपी तेल सिंह राठिया को समुन्दर राठिया की हत्या का दोषी पाया।
1 लाख रुपये मुआवजे की अनुशंसा
अपर सत्र न्यायाधीश श्री अभिषेक शर्मा ने आरोपी तेल सिंह राठिया को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 1,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके साथ ही, विद्वान न्यायालय ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मृतक के आश्रितों को विधिक सेवा प्राधिकरण (Legal Services Authority) रायगढ़ के माध्यम से क्षतिपूर्ति के रूप में 1,00,000 रुपये (एक लाख रुपये) की आर्थिक सहायता राशि दिलाए जाने की महत्वपूर्ण अनुशंसा की है।
