गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा (रायगढ़)। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ‘सरस्वती सायकल योजना’ के अंतर्गत रायगढ़ जिले के घरघोड़ा ब्लॉक स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय रायकेरा में सत्र 2026-27 में अध्ययनरत कक्षा 9वीं की 46 पात्र बालिकाओं को नि:शुल्क सायकल का वितरण किया गया।
नि:शुल्क सायकल मिलते ही बालिकाओं के चेहरे खुशी और उत्साह से खिल उठे। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय परिसर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शाला विकास समिति और विद्यालयीन स्टाफ की गरिमामय मौजूदगी में संपन्न हुआ।
जनप्रतिनिधियों व अतिथियों की उपस्थिति में हुआ वितरण
सायकल वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रायकेरा सरपंच श्रीमती सुलोचना राठिया, उप सरपंच श्री रोहित साहू, तथा शाला विकास एवं प्रबंधन समिति (SMDC) की अध्यक्षा श्रीमती कुमुदिनी राठिया उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य श्री शैलेंद्र कुमार कर्ण ने की। इस अवसर पर वरिष्ठ व्याख्याता रामकुमार पटेल, सायकल वितरण प्रभारी कु. तनुजा यादव, विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं, पालकगण एवं गांव के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
“अब पैदल नहीं आना पड़ेगा, समय और ऊर्जा दोनों बचेगी”: छात्राएं
नि:शुल्क सायकल प्राप्त करने के बाद विद्यालय की बालिकाओं ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वे आसपास के दूसरे गांवों से आकर रायकेरा में अध्ययन करती हैं। अब तक उन्हें प्रतिदिन कई किलोमीटर पैदल चलकर विद्यालय आना-जाना पड़ता था, जिससे काफी थकान होती थी और पढ़ाई के लिए समय कम मिल पाता था।
छात्राओं ने बताया कि अब सायकल मिल जाने से उन्हें रोजाना पैदल चलने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी, समय की बचत होगी और वे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगी।
योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और स्वच्छता में अव्वल है रायकेरा स्कूल
उल्लेखनीय है कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय रायकेरा प्राचार्य श्री शैलेंद्र कुमार कर्ण के कुशल मार्गदर्शन और सक्रियता के कारण शासन की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का शत-प्रतिशत सफल क्रियान्वयन करता आया है।
विद्यालय न केवल शैक्षणिक गतिविधियों और परीक्षा परिणामों में सदैव उत्कृष्ट प्रदर्शन करता है, बल्कि स्वच्छता एवं अनुशासन के क्षेत्र में भी पूरे रायगढ़ जिले में अपनी एक विशिष्ट पहचान रखता है। अतिथियों और ग्रामीणों ने विद्यालय परिवार की इस कार्यशैली की जमकर सराहना की।
