गौरी शंकर गुप्ता/जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत लुडेग में स्वास्थ्य नियमों की धज्जियां उड़ाने का गंभीर मामला उजागर हुआ है। कस्बे में संचालित ‘माँ मेडिकल स्टोर’ की आड़ में बिना किसी वैध अनुमति के एक अवैध क्लिनिक का संचालन किया जा रहा है। दवा दुकान के बाहरी बोर्ड के पीछे बिना किसी पंजीकृत डॉक्टर और बिना वैध डिग्री के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि दवा वितरण के लाइसेंस की आड़ में मरीजों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ किया जा रहा है।
मेडिकल स्टोर के पिछले हिस्से में भर्ती किए जा रहे मरीज, तस्वीरें आईं सामने
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुकान के पिछले हिस्से में बाकायदा बेड बिछाकर मिनी अस्पताल जैसा सेटअप तैयार किया गया है। मौके पर मरीज बेड पर लेटे पाए गए, जिन्हें सलाइन ड्रिप और हाई-डोज़ इंजेक्शन दिए जा रहे थे। जब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर संचालक से जवाब मांगा गया, तो वह संतोषजनक दस्तावेज या डिग्री दिखाने के बजाय टालमटोल करता नजर आया। यह पूरा कृत्य नर्सिंग होम एक्ट और क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का स्पष्ट उल्लंघन है।
बायो-मेडिकल कचरे का अंबार, बिना सुरक्षा प्रोटोकॉल के हो रहा इस्तेमाल
परिसर में इस्तेमाल की गई सुइयां, इस्तेमाल की गई ड्रिप की बोतलें और अन्य चिकित्सकीय कचरा बिना किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल के खुले में फेंका जा रहा है। इससे आसपास के क्षेत्र में भीषण संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। आपातकालीन स्थिति या गलत दवा के रिएक्शन की स्थिति में मरीज की जान बचाने के लिए यहां कोई प्रशिक्षित चिकित्सा स्टाफ या जीवन रक्षक उपकरण मौजूद नहीं हैं।
स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर सवाल, कड़े एक्शन की उठी मांग
घटना के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) जशपुर से मांग की है कि मामले में महज औपचारिक नोटिस देने के बजाय तत्काल छापेमारी की जाए। नागरिकों ने ‘माँ मेडिकल स्टोर’ को सील कर संचालक के खिलाफ प्रासंगिक कानूनी धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
