गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा (रायगढ़)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ वनमंडल अंतर्गत वनपरीक्षेत्र घरघोड़ा में वन्यजीवों के अवैध शिकार के खिलाफ वन विभाग को एक बड़ी सफलता मिली है। ग्राम जरकट के पास जंगल से लगे खेत में जंगली सूअर का अवैध शिकार कर उसके मांस की कटाई कर रहे दो आरोपियों को वन विभाग की गश्ती टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
यह पूरी कार्रवाई वन विभाग के नियमित वन भ्रमण और क्षेत्र में बढ़ाए गए गश्त तंत्र के दौरान अंजाम दी गई।
गश्त के दौरान खुली शिकारियों की पोल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार (20 जुलाई 2026) को वनपरीक्षेत्र घरघोड़ा की टीम ग्राम जरकट के समीप जंगलों से लगे खेतों का नियमित निरीक्षण कर रही थी। इसी दौरान वन कर्मियों को खेत के पास संदिग्ध हलचल दिखाई दी। जब टीम ने मौके पर जाकर देखा तो दो व्यक्ति एक जंगली सूअर को मारकर उसके मांस की कटाई में लगे हुए थे।
वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को मौके पर ही धर दबोचा।
आरोपियों ने कबूला अपना जुर्म, वन्यजीव कानून के तहत कार्रवाई
पकड़े गए आरोपियों की पहचान बुधराम (पिता मंगलू राम यादव) और अमर साय (पिता रतन सिंह यादव) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी ग्राम जरकट के ही निवासी बताए जा रहे हैं।
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पूछताछ में अपराध स्वीकार: हिरासत में लिए जाने के बाद जब वन अधिकारियों ने दोनों से कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने जंगली सूअर का शिकार करने और मांस की कटाई करने की बात स्वीकार कर ली।
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गंभीर धाराओं में मामला दर्ज: आरोपियों के इकबालिया बयान और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर उनके विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 (Wildlife Protection Act 1972) की धारा 9 (शिकार पर प्रतिबंध) एवं धारा 51 (दंड के प्रावधान) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
न्यायालय में किया गया प्रस्तुत
विधिवत गिरफ्तारी के उपरांत वन विभाग की टीम ने दोनों आरोपियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया और उसके बाद उन्हें माननीय न्यायालय घरघोड़ा के समक्ष प्रस्तुत किया।
