गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़ (छत्तीसगढ़)। मानसून के मौसम में राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य सड़कों पर बैठने वाले घुमंतू मवेशियों के कारण होने वाली गंभीर दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए रायगढ़ पुलिस ने एक बेहद संवेदनशील और अभिनव पहल की शुरुआत की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में रायगढ़ यातायात पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा और मवेशियों की रक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष रेडियम बैंड (Reflective Belt) अभियान चलाया जा रहा है।
NH-49 और कोतरारोड क्षेत्र में चलाया गया विशेष अभियान
यातायात पुलिस की कमान संभाल रहे ट्रैफिक डीएसपी श्री उत्तम प्रताप सिंह तथा यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक रोहित बंजारे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रायगढ़-खरसिया राष्ट्रीय राजमार्ग-49 (NH-49) पर अभियान चलाया।
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रेडियम बेल्ट से लैस हुए मवेशी: हाईवे पर और सड़क किनारे घूम रहे घुमंतू तथा आवारा मवेशियों के गले में रेडियम रिफ्लेक्टिव टेप वाले बैंड लगाए गए।
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कोतरारोड में भी कार्रवाई: राष्ट्रीय राजमार्ग के बाद दूसरे चरण में पुलिस टीम ने कोतरारोड क्षेत्र में घूम रहे आवारा पशुओं के गले में भी रेडियम पट्टे बांधे।
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पुलिस मित्रों को वितरण: पुलिस द्वारा स्थानीय ग्रामीणों और ‘पुलिस मित्रों’ को भी बड़ी संख्या में रेडियम कालर बेल्ट बांटे गए ताकि वे अपने-अपने इलाकों में मवेशियों को ये पट्टे पहना सकें।
रात के अंधेरे और बारिश में कैसे कारगर है यह तकनीक?
बरसात के दिनों में अक्सर मवेशी कीड़े-मकोड़ों से बचने या सूखी जगह की तलाश में हाईवे और पक्की सड़कों पर आकर बैठ जाते हैं या अचानक सड़क पार करने लगते हैं। बारिश और रात के समय कम दृश्यता (Low Visibility) के कारण वाहन चालकों को सड़क पर बैठे काले या भूरे रंग के मवेशी समय पर दिखाई नहीं देते, जिससे तेज रफ्तार वाहन उनसे टकरा जाते हैं।
गले में बंधा रेडियम बेल्ट वाहनों की हेडलाइट की रोशनी पड़ते ही दूर से चमकने लगता है। इससे वाहन चालक को काफी दूरी से ही सड़क पर मवेशी होने का आभास हो जाता है, जिससे वे समय रहते गाड़ी की रफ्तार नियंत्रित कर लेते हैं और भीषण हादसे टल जाते हैं।
सरपंचों और पशुपालकों से संवाद, गौठानों में रखने की सलाह
अभियान के दौरान यातायात पुलिस ने हाईवे किनारे बसे गांवों के सरपंचों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा पशुपालकों से सीधे संवाद किया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि:
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वे अपने-अपने गांवों के मवेशियों के गले में अनिवार्य रूप से रेडियम पट्टे लगाएं।
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मवेशियों को खुला छोड़ने के बजाय अपने घरों या शासकीय गौठानों में उनके चारा-पानी की समुचित व्यवस्था करें।
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सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए ग्रामीण स्तर पर सक्रिय सहभागिता निभाएं।
रायगढ़ एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश
“सड़क सुरक्षा केवल पुलिस विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बरसात के मौसम में हाईवे पर खुले घूमने वाले मवेशी बेहद गंभीर हादसों का कारण बनते हैं। सभी पशुपालकों से अपील है कि वे अपने पशुओं को सड़कों पर न छोड़ें, गौठान या घर में उनके रहने व चारे की व्यवस्था करें और उनके गले में रेडियम पट्टे लगाएं। जनसहयोग से ही हम मानव जीवन और बेजुबान पशुओं दोनों की जान बचा सकते हैं।”
— श्री शशि मोहन सिंह (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रायगढ़)
रायगढ़ यातायात पुलिस ने आम चालकों से भी अपील की है कि वे बारिश के मौसम में और विशेषकर रात के समय निर्धारित गति सीमा में ही सतर्कतापूर्वक वाहन चलाएं।
