गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़ (छत्तीसगढ़)। रायगढ़ जिले के पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द क्षेत्र अंतर्गत ग्राम धरमपुर साजापाली में हुई 76 वर्षीय बुजुर्ग बंधन राम पण्डो की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए रैरूमाखुर्द पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर वारदात का पर्दाफाश करते हुए आरोपी मकरदम उर्फ मुड़ी माझी (40 वर्ष) निवासी धरमपुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
प्रारंभिक पुलिस विवेचना और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि हत्या की मुख्य वजह नजूल जमीन पर कब्जे और हिस्सेदारी को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चला आ रहा रंजिश व विवाद था।
पोती के सामने दादा पर टांगी से ताबड़तोड़ वार
घटना 25 जुलाई 2026 की है। मृतक के पुत्र नोहर साय पण्डो (30 वर्ष) द्वारा पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, 25 जुलाई की सुबह वह अपनी पत्नी और मां के साथ खेत-बाड़ी के काम से गया हुआ था। दोपहर में जब वह घर लौटा, तो उसके पिता बंधन राम पण्डो घर के बाहर गांव के ही मकरदम उर्फ मुड़ी माझी के साथ जमीन के पुराने विवाद को लेकर बात कर रहे थे।
इसी दौरान नोहर साय की बेटी अंजली पण्डो ने दौड़कर अपने पिता को बताया कि मकरदम ने टांगी से दादाजी के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया है, जिससे वे लहूलुहान होकर गिर पड़े हैं। जब परिजन मौके पर पहुंचे, तो आरोपी हाथ में टांगी लहराते हुए मौके से फरार हो चुका था।
गंभीर रूप से घायल बंधन राम पण्डो को तत्काल उपचार के लिए सिविल अस्पताल धरमजयगढ़ में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार, बीएनएस की धारा 103(1) जुड़ी
घटना के बाद चौकी रैरूमाखुर्द में शुरुआत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास) के तहत अपराध क्रमांक 200/2026 दर्ज किया गया था। उपचार के दौरान बुजुर्ग की मृत्यु हो जाने पर मर्ग जांच के बाद प्रकरण में धारा 103(1) बीएनएस (हत्या) जोड़ी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए चौकी प्रभारी उप निरीक्षक इगेश्वर यादव ने तत्परता दिखाते हुए संदिग्ध की तलाश शुरू की। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने आरोपी मकरदम उर्फ मुड़ी माझी को उसके गृहग्राम धरमपुर से घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में जुर्म कबूला: “हर साल मेरी जमीन दबा लेता था”
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि वह और मृतक दोनों पास की ही नजूल भूमि पर खेती करते थे। आरोपी का आरोप था कि मृतक हर साल उसकी जमीन का कुछ हिस्सा अपने कब्जे में ले लेता था, जिससे आक्रोशित होकर उसने टांगी से वार कर इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर:
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घटना में इस्तेमाल की गई टांगी
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वारदात के समय पहने गए रक्तरंजित कपड़े
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अन्य महत्वपूर्ण फोरेंसिक साक्ष्य
जब्त कर लिए हैं। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को स्थानीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का कड़ा संदेश
मामले का 24 घंटे में सफल खुलासा करने के बाद रायगढ़ के पुलिस कप्तान एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने आम जनता के लिए कड़ा संदेश जारी किया है:
“कानून अपने हाथ में लेने वालों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस पूरी सख्ती से कार्रवाई करेगी। किसी भी प्रकार के पारिवारिक या जमीन से जुड़े विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से ही करें। हिंसा का रास्ता अपनाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”
