गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़ (छत्तीसगढ़)। रायगढ़ जिले में अपराधियों की धरपकड़ और कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुराना शनि मंदिर के पास फल का ठेला लगाने वाले व्यापारी पर मामूली बात को लेकर चाकू से हमला करने वाले फरार आरोपी मोहम्मद अफसर उर्फ अफसर खान को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के सख्त दिशा-निर्देशन में की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रार्थी बलराम यादव (50 वर्ष, निवासी सोनूमुड़ा नवापारा, थाना जूटमिल) शहर के पुराना शनि मंदिर के पास फल का ठेला लगाकर अपना और अपने परिवार का जीवन यापन करता है।
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100 रुपये मांगने पर विवाद: बीते 14 मई 2026 की दोपहर बलराम का पुराना परिचित अफसर खान उसके ठेले के पास पहुंचा और शराब पीने के लिए रुपये मांगने लगा। मानवीय आधार पर बलराम ने उसे 100 रुपये दे दिए।
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दोबारा पैसे न देने पर हमला: कुछ देर बाद आरोपी अफसर खान दोबारा आया और फिर से रुपयों की मांग करने लगा। जब बलराम ने दोबारा पैसे देने से इनकार कर दिया, तो आरोपी ने गुस्से में आकर अपने पास रखे फल काटने वाले चाकू से उस पर जानलेवा हमला कर दिया और मौके से फरार हो गया।
BNS की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज
घटना के बाद पीड़ित की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 255/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(2), 119(1) एवं 118(1) के अंतर्गत अपराध पंजीकृत कर जांच और आरोपी की तलाश शुरू की गई थी।
मुखबिर की सूचना पर पकड़ाया आरोपी, भेजा गया जेल
जिले में फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल ने अपने सूचना तंत्र को सक्रिय किया।
इसी दौरान मुखबिर से पक्की सूचना मिली कि फरार आरोपी अफसर खान को शहर में घूमते देखा गया है। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की विशेष टीम ने त्वरित घेराबंदी कर आरोपी मोहम्मद अफसर उर्फ अफसर खान (37 वर्ष, निवासी इंदिरा नगर, वार्ड क्रमांक 6, थाना कोतवाली रायगढ़) को धर दबोचा। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चाकू जब्त किया गया। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
