गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़/घरघोड़ा (छत्तीसगढ़)। घरघोड़ा स्थित अपर सत्र न्यायालय ने समधन की निर्मम हत्या करने वाले आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा-ए-उम्रकैद सुनाई है। विद्वान अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए अभियुक्त मनी राम मझवार को अपनी समधन रमनिया बाई की कुल्हाड़ी (टांगी) से हत्या करने का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा के साथ-साथ 1,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का फैसला सुनाया।
जानिए क्या है पूरा मामला? (प्रकरण का विवरण)
मामले के संबंध में जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक (APP) राजेश सिंह ठाकुर ने बताया कि घटना थाना कापू क्षेत्र के अपराध क्रमांक 22/2021 से संबंधित है।
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घटना की पृष्ठभूमि: ग्राम सरिया मड़वा ताल निवासी धन सिंह मझवार ने थाना कापू में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि दिनांक 21 फरवरी 2021 को वह अपनी पत्नी के साथ शादी का सामान और कपड़े खरीदने ग्राम बनिया गया हुआ था।
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हत्या का खुलासा: जब धन सिंह 24 फरवरी 2021 की सुबह वापस अपने घर लौटा, तो उसके पुत्र दीपक ने रोते हुए जानकारी दी कि सुबह लगभग 5:00 से 6:00 बजे के बीच उसके दादा (आरोपी मनी राम मझवार) ने उसकी नानी (रमनिया बाई) के सिर पर टांगी (कुल्हाड़ी) से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
कापू पुलिस की सूक्ष्म जांच से साबित हुआ अपराध
सूचना मिलते ही तत्कालीन थाना प्रभारी कापू धनी राम राठौर ने तत्काल अपराध कायम कर मामले को सूक्ष्म विवेचना में लिया। पुलिस टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य, फॉरेंसिक साक्ष्य और गवाहों के बयान एकत्र किए।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी मनी राम मझवार के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या) के तहत चालान विचारण न्यायालय घरघोड़ा में प्रस्तुत किया।
कोर्ट की टिप्पणी और क्षतिपूर्ति की अनुशंसा
प्रकरण की सुनवाई के दौरान विद्वान न्यायालय ने सभी महत्वपूर्ण साक्षियों के बयान दर्ज किए और अभियोजन एवं बचाव पक्ष के तर्कों को विस्तार से सुना। अभियोजन पक्ष (APP राजेश सिंह ठाकुर) द्वारा प्रस्तुत प्रत्यक्षदर्शी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को मजबूत मानते हुए अदालत ने आरोपी को हत्या का दोषी ठहराया।
इसके अतिरिक्त, माननीय विद्वान न्यायालय ने मृतिका के विधिक वारिसों (परिजनों) के पुनर्वास और राहत हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से 1,00,000 (एक लाख) रुपये की क्षतिपूर्ति राशि दिलाए जाने की अनुशंसा भी जारी की है।
