गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़ (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के जिला रायगढ़ प्रवास कार्यक्रम के सफलतापूर्वक संपन्न होने के तुरंत बाद बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) श्री राम गोपाल गर्ग ने पुलिस कंट्रोल रूम में जिले की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग का व्यापक ऑडिट किया। आईजीपी गर्ग ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना एवं चौकी प्रभारियों की समीक्षा बैठक लेते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि बदलते दौर की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रोफेशनल, तकनीक आधारित और परिणाममुखी पुलिसिंग ही एकमात्र रास्ता है।
बैठक के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में रायगढ़ पुलिस द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए आईजीपी ने नवीन आपराधिक कानूनों (New Criminal Laws) के शत-प्रतिशत और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
60 और 90 दिनों के भीतर चालान पेश करने की सख्त समयसीमा
आईजीपी राम गोपाल गर्ग ने जानकारी दी कि भारत सरकार द्वारा नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के विभिन्न पैरामीटरों पर सभी राज्यों की निरंतर समीक्षा की जा रही है। अतः डाटा की गुणवत्ता और प्रदर्शन में रायगढ़ पुलिस को शीर्ष पर रहना होगा।
उन्होंने निर्देश जारी किए कि:
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7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराध: एफआईआर दर्ज होने के 90 दिनों के भीतर विवेचना पूर्ण कर कोर्ट में चालान प्रस्तुत किया जाए।
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अन्य सभी अपराध: अधिकतम 60 दिवस के भीतर विवेचना पूरी की जाए।
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सामान्य प्रकृति के मामले: इनका निपटारा अधिकतम 8 दिनों के भीतर करने की कोशिश हो।
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जटिल मामले: एसडीओपी (SDOP) के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में गुणवत्तापूर्ण जांच सुनिश्चित की जाए।

ई-साक्ष्य, CCTNS और ‘सशक्त ऐप’ पर फोकस
तकनीकी पुलिसिंग को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए आईजीपी ने कहा कि नवीन कानूनों के अनुरूप ई-साक्ष्य संकलन, ऑडियो-वीडियोग्राफी, CCTNS पोर्टल में प्रपत्रों की समय पर एंट्री और डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाए।
चिकित्सकीय अनुरोधों को अनिवार्य रूप से MedLEaPR पोर्टल के जरिए भेजने और न्यायालयीन पेशियों में पुलिसकर्मियों की समय पर उपस्थिति दर्ज कराने को कहा गया। साथ ही, चोरी की गाड़ियों की त्वरित बरामदगी के लिए ‘सशक्त ऐप’ का व्यापक इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए।
संपत्ति संबंधी अपराधों में तुरंत एफआईआर और अपराधियों पर कड़ा शिकंजा
संपत्ति संबंधी अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्देश देते हुए आईजीपी ने स्पष्ट किया कि शिकायतों पर एफआईआर दर्ज करने में किसी भी प्रकार की टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके अतिरिक्त:
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जमानत रद्द कराना: जमानत पर छूटने के बाद दोबारा अपराध में संलिप्त पाए जाने वाले अपराधियों की जमानत रद्द कराने हेतु न्यायालय में तत्काल आवेदन दिया जाए।
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फरार वारंटी: चालान पेश होने के बाद फरार आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी कराने की प्रक्रिया बिना विलंब पूरी हो।
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शून्य मर्ग कार्रवाई: साक्ष्य सुरक्षित रखने हेतु संबंधित थानों को तत्काल सूचना प्रदान की जाए।
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एनडीपीएस (NDPS) ट्रेनिंग: नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की जांच को मजबूत करने हेतु अधिकारियों का समय-समय पर प्रशिक्षण आयोजित हो।
रायगढ़ पुलिस का प्रतिबद्धता संकल्प
समीक्षा बैठक के अंत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने बिलासपुर रेंज आईजीपी को आश्वस्त किया कि रायगढ़ पुलिस जिले में अपराध नियंत्रण, समयबद्ध व पारदर्शी विवेचना तथा नवीन कानूनों के क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर, डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, डीएसपी सतीश भार्गव, रक्षित निरीक्षक अमित सिंह सहित जिले भर के सभी थाना व चौकी प्रभारी मौजूद रहे।
