गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। रायगढ़ शहर के कोतरारोड थाना क्षेत्र में रिलायंस मार्ट के सामने सड़क पर पानी के छींटे पड़ने की बात को लेकर हुआ मामूली विवाद अचानक जानलेवा हमले में बदल गया। बाइक सवार एक व्यक्ति ने कहासुनी के बाद पिस्टलनुमा हथियार निकालकर पोहेवाला कैफे संचालक युवक के सिर को निशाना बनाकर दो बार फायर कर दिया। पीड़ित के सूझबूझ से झुक जाने के कारण उसकी जान बच गई। पुलिस ने आर्म्स एक्सपर्ट से जांच कराने के बाद पुष्टि की है कि वारदात में प्रयुक्त हथियार वास्तव में एयरगन पिस्टल थी। मामले में कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामबाग कोतरारोड निवासी 26 वर्षीय खुशहाल अग्रवाल ने थाना कोतवाली में इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रार्थी खुशहाल, जो कोतरारोड के पास कैफे संचालित करता है, 29 अगस्त की रात करीब 8:45 बजे कोल्ड ड्रिंक लेने पैदल निकला था। इसी दौरान रिलायंस मार्ट के सामने मुख्य मार्ग पर मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 13 BC 6711) से गुजर रहे चालक ने उस पर सड़क का गंदा पानी छिटक दिया। इस बात पर जब प्रार्थी ने आपत्ति जताई तो आरोपी बाइक मोड़कर वापस आया और गाली-गलौज करते हुए हाथापाई करने लगा तथा अपने पास रखे हथियार से सीधे सिर पर दो फायर कर दिए। आसपास के लोगों को आता देख आरोपी अपनी बाइक मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही रायगढ़ पुलिस ने मौके से मिले हथियार को कब्जे में लेकर आर्म्स एक्सपर्ट से उसका वैज्ञानिक परीक्षण कराया। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि वह एक एयरगन पिस्टल है, जिसमें छर्रों का उपयोग होता है। सामान्यतः इस प्रकार की एयरगन पक्षियों को भगाने या मारने के लिए बाजार में उपलब्ध होती हैं और इनके क्रय-विक्रय के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होती है। प्रार्थी की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(3), 115(2), 109(1) और 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर आपराधिक धाराओं में प्रकरण पंजीकृत किया है।
घटनास्थल से जब्त मोटरसाइकिल के दस्तावेजों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान हर्षवरन सिंह गोतरा (उम्र 44 वर्ष), मूल निवासी जालंधर (पंजाब), हाल मुकाम ग्राम तेंदूडिपा (कलमी, रायगढ़) के रूप में की है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पुलिस की कई विशेष टीमें गठित कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। मामले में एसएसपी ने कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि भले ही एयरगन लाइसेंस के दायरे में न आती हो, लेकिन इसका उपयोग किसी नागरिक को डराने-धमकाने, चोट पहुंचाने या अपराध करने में होगा तो पुलिस सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई करेगी।
