गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। Kharsia Police Abhiyaan Samvedna POCSO Arrest के तहत रायगढ़ पुलिस को महिला संबंधी अपराध में बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में जिले में चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के अंतर्गत खरसिया पुलिस ने शादी का प्रलोभन देकर नाबालिग उम्र से लगातार शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी हरिनारायण उर्फ करण श्रीवास (21 वर्ष), निवासी खरसिया को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
प्रेम संबंध बनाकर नाबालिग उम्र में किया शारीरिक शोषण
पीड़िता (19 वर्ष) ने खरसिया थाने में दर्ज कराई अपनी रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2022 से उसकी जान-पहचान गांव के ही हरिनारायण श्रीवास से थी। बातचीत के दौरान दोनों में प्रेम संबंध बन गए। जब वह नाबालिग थी, तब 18 जनवरी 2024 को आरोपी उसे अपने घर ले गया और शादी का वादा कर जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया।
इसके बाद वर्ष 2025 में आरोपी उसे सोनबरसा के जंगलों में घुमाने के बहाने ले गया और वहां भी शोषण किया। 14 जून 2026 को आरोपी शादी का झांसा देकर उसे झारसुगुड़ा (ओडिशा) स्थित अपने रिश्तेदार के घर ले गया और जबरन संबंध बनाए।
रायगढ़ में किराए के मकान में रखा, फिर शादी से मुकरा
घटनाक्रम यहीं नहीं रुका, 28 जुलाई 2026 को आरोपी युवती को रायगढ़ ले आया और किराए के मकान में रखा। कुछ दिनों बाद जब युवती ने शादी का दबाव बनाया, तो आरोपी ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। आरोपी ने युवती की जाति को लेकर अपशब्द कहे और उसके साथ मारपीट की।
डर के कारण पीड़िता 15 अगस्त 2026 को अपने गांव वापस आ गई। शुरुआत में लोक-लाज और डर के कारण उसने परिजनों को कुछ नहीं बताया, लेकिन 23 अगस्त 2026 को मां के पूछने पर उसने आपबीती सुनाई और थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
अपराध दर्ज होते ही पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को भेजा जेल
युवती की लिखित शिकायत पर खरसिया पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 445/2026, धारा 642(ड) एवं 65(1) बीएनएस तथा 4, 6 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने तुरंत आरोपी के गांव में दबिश देकर उसे हिरासत में लिया।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी हरिनारायण श्रीवास को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सीताराम ध्रुव, उप निरीक्षक संध्या कोका, प्रधान आरक्षक रामनाथ बनर्जी एवं टीम की मुख्य भूमिका रही।
