गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा स्थित एसईसीएल (SECL) की जामपाली कोयला खदान के बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर ट्रकों की बेतरतीब और अव्यवस्थित कतारों के कारण भीषण जाम की स्थिति निर्मित हो गई। अव्यवस्था का आलम यह रहा कि बीते शनिवार को क्षेत्र के दौरे पर निकले रायगढ़ पुलिस कप्तान (SP) भी इसी मार्ग से गुजरते समय काफी देर तक जाम में फंसे रहे। सूचना मिलते ही घरघोड़ा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद यातायात व्यवस्था को सुचारू कराया।
स्थानीय सूत्रों और वाहन चालकों के अनुसार, जामपाली खदान में गाड़ियों की एंट्री के लिए सामान्य प्रक्रिया से इतर कथित रूप से ‘सतीश चौबे यूनियन’ से जुड़ी एक अलग और अवैध लाइन संचालित की जा रही है। आरोप है कि यूनियन द्वारा कथित चढ़ावे के आधार पर यह अलग लाइन बनाई जाती है, जिससे मुख्य सड़क पर ट्रकों का दबाव असामान्य रूप से बढ़ जाता है। आमतौर पर अन्य खदानों में वाहनों के प्रवेश के लिए एकल व्यवस्था होती है, लेकिन जामपाली में दोहरी व्यवस्था होने से एनएच पर आवाजाही बाधित हो रही है।
रायगढ़ एसपी के स्वयं जाम में फंसने और खदान परिसर के बाहर वाहनों की अव्यवस्था देखने के बाद पुलिस व खदान प्रबंधन सख्त रुख में आ गया है। जामपाली खदान प्रबंधन ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेतरतीब वाहन खड़े कर यातायात बाधित करने वाले 6 ट्रकों को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इसके साथ ही, घरघोड़ा पुलिस ने इन छह ट्रकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 285 के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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पुलिस की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय नागरिकों और आम वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है, हालांकि उनका कहना है कि यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। जब तक खदान के बाहर संचालित कथित अवैध और अलग लाइन व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर एक समान (सिंगल लाइन) व्यवस्था लागू नहीं की जाती, तब तक नेशनल हाईवे पर जाम का खतरा बना रहेगा। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन व एसईसीएल प्रबंधन से मांग की है कि यूनियन की मनमानी पर अंकुश लगाते हुए यातायात व्यवस्था का स्थायी निराकरण किया जाए।
