गौरी शंकर गुप्ता/नई दिल्ली/जशपुर। अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने आदिवासी समाज के Gen-Z युवाओं और छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद स्थापित करने व उन्हें मुख्यधारा की राजनीति और संगठन से जोड़ने के उद्देश्य से एक विशेष राष्ट्रीय समिति का गठन किया है। इस समिति में छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की जिला पंचायत सदस्य एवं लोकप्रिय आदिवासी युवा नेत्री आशिका कुजूर को ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की राष्ट्रीय संयोजक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जमीनी स्तर पर सक्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में आशिका कुजूर लगातार शिक्षा, छात्र-युवा हितों, ग्रामीण विकास और आदिवासी समाज से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को मजबूती से उठाती रही हैं। युवाओं को सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी के लिए प्रेरित करने तथा उनकी समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने में उनकी निरंतर सक्रियता को देखते हुए शीर्ष नेतृत्व ने उन पर यह विश्वास जताया है। यह पहल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री राहुल गांधी के “छात्रों की गूंज” अभियान तथा युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाने की सोच को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
अभियान की कार्ययोजना के तहत यह गठित समिति देशभर के विभिन्न आदिवासी छात्रावासों तक पहुंचेगी। वहां छात्र-छात्राओं और युवाओं से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी जमीनी समस्याओं, भविष्य की आकांक्षाओं और विचारों को सुनेगी तथा उनकी आवाज को राष्ट्रीय पटल पर उठाने का काम करेगी। इस पूरे अभियान को सफल बनाने के लिए अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयकों और संबंधित राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों का भी सक्रिय सहयोग लिया जाएगा।
राष्ट्रीय संयोजक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने पर आशिका कुजूर ने अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया सहित शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि देशभर के आदिवासी छात्र-युवाओं की आवाज को सुनने और उसे राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का बड़ा अवसर है। उन्होंने देश के युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आपकी आवाज ही आपकी ताकत है, हम देश के हर आदिवासी छात्र तक पहुंचकर उनके अधिकारों की लड़ाई को पूरी मजबूती से लड़ेंगे।
