Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Knock India
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Knock India
    Home » Blog » स्वतंत्रता दिवस-2026 : माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का स्वतंत्रता दिवस संदेश-प्यारे प्रदेशवासियों, जय जोहार… आप सभी को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं…
    छत्तीसगढ़

    स्वतंत्रता दिवस-2026 : माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का स्वतंत्रता दिवस संदेश-प्यारे प्रदेशवासियों, जय जोहार… आप सभी को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं…

    News DeskBy News DeskAugust 15, 2026No Comments16 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    स्वतंत्रता दिवस-2026 : माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का स्वतंत्रता दिवस संदेश-प्यारे प्रदेशवासियों, जय जोहार… आप सभी को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं…
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर:  स्वतंत्रता दिवस का यह पावन पर्व माँ भारती की वंदना का दिन है। आज हम भारत माता के उन सभी महान सपूतों को नमन कर रहे हैं, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। आज का दिन देश की एकता, अखण्डता की गौरवशाली यात्रा से प्रेरणा लेकर यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने का है।

    भारत का महान स्वतंत्रता संग्राम महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव अंबेडकर, वीर सावरकर सहित असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान की अमर गाथा है।

    स्वतंत्रता के इस पावन अवसर पर हम धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह और वीर गुंडाधुर के संघर्ष को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। गेंद सिंह, धुरवा राव, यादव राव, वेंकट राव, डेबरी धुर, आयतु माहरा जैसे हमारे नायकों की स्मृति हमेशा हमें प्रेरित करती रहेगी।

    गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है कि ‘‘पराधीन सपनेहुँ सुख नाहीं।‘‘ संत कबीर की वाणी और बाबा गुरु घासीदास जी के उद्घोष मनखे-मनखे एक समान ने स्वतंत्रता के संघर्ष को स्वर दिया।

    यह वर्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का है। उन्होंने कश्मीर से धारा 370 हटाने के लिए संघर्ष किया था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई गई। हमने भी छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

    स्वतंत्रता दिवस की यह वर्षगांठ कई अभूतपूर्व उपलब्धियां लेकर आई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के साहसिक नेतृत्व में नक्सल मुक्त भारत का संकल्प पूरा हो चुका है। आज पूरा देश वामपंथी उग्रवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने वाले हमारे वीर जवानों के पराक्रम तथा उनकी शहादत को नमन कर रहा है।

    माओवाद से मुक्त होकर बस्तर के हर कोने में लोग तिरंगा यात्रा के जरिए स्वतंत्रता का उत्सव मना रहे हैं।

    बस्तर की सर्वांगीण प्रगति, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार के सबसे बड़े लक्ष्यों में शामिल है। इसका जीवंत उदाहरण है जगदलपुर में राष्ट्रीय स्तर की मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन, जिसमें केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी सहित चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सहभागिता की।

    अब बस्तर के नवनिर्माण का स्वर्णिम समय है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0‘ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान‘ के जरिए हम विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा रहे हैं। 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं के शत-प्रतिशत सेचुरेशन से हम बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों को लाभान्वित कर रहे हैं।

    बस्तर में नक्सल हिंसा के चलते बंद पड़े स्कूलों को हमने दोबारा प्रारंभ कराया। साथ ही 36 नए स्कूल भी स्वीकृत किए हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे सुदूर क्षेत्रों में हम एजुकेशन सिटी विकसित कर रहे हैं।

    ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान‘ के माध्यम से हमने बस्तर के 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर उनकी हेल्थ प्रोफाइल तैयार की है।

    बस्तर में अभी 85 फीसदी परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपए से कम है। लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की ‘आजीविका उन्नयन योजना‘ तैयार की गई है।

    सुरक्षा कैंप अब सेवा और विकास के केंद्र बन रहे हैं। वीर गुंडाधुर के गांव नेतानार से शुरू हुए सेवा डेरा में नागरिक सुविधाओं के साथ कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    बस्तर में इन्फ्रास्ट्रक्चर की मजबूत बुनियाद रखी जा रही है। सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत 461 गांवों को ग्रिड आधारित प्रणाली से जोड़ रहे हैं। 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए हम सड़कें बना रहे हैं।

    दूरस्थ गांवों में सार्वजनिक परिवहन के लिए हमने ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा‘ शुरू की है। इससे बस्तर और सरगुजा संभाग के 814 गांवों को लाभ मिल रहा है।

    मोदी की गारंटी के प्रभावी क्रियान्वयन से ‘‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास‘‘ की भावना के अनुरूप हर वर्ग के जीवन में समृद्धि आई है।
    अन्नदाता हमारे भाग्य विधाता हैं। उनका सुख, समृद्धि और सम्मान हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। हम 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से देश में धान का सर्वाधिक मूल्य उन्हें दे रहे हैं। ‘कृषक उन्नति योजना‘ के तहत एकमुश्त राशि का भुगतान हमने अन्नदाताओं को होली  के पहले ही करा दिया।

    हम फसल विविधता को प्रोत्साहित कर रहे हैं। ‘कृषक उन्नति योजना‘ के तहत धान के बदले दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी आदि फसल लेने पर 15 हजार रुपए की आदान सहायता देने का निर्णय हमने लिया है।

    किसान भाइयों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने हमने सर्वोच्च प्राथमिकता से कार्य किया। वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण उर्वरक आपूर्ति प्रभावित होने के बावजूद हमने छत्तीसगढ़ में खाद का संकट उत्पन्न नहीं होने दिया।

    प्रधानमंत्री जी की ‘सहकार से समृद्धि‘ की संकल्पना के अनुरूप हमने प्रदेश में 2028 पैक्स का कंप्यूटरीकरण कर लिया है। इनमें से 1988 पैक्स कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं।

    श्रद्धेय अटल जी की नदियों को जोड़कर पानी की हर बूंद बचाने की सोच को आगे बढ़ाते हुए हमने ‘सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना‘ के लिए 3,047 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी है।

    प्रदेश में सिंचाई का दायरा बढ़ाने के लिए हमने 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दी है। बंद पड़ी सिंचाई योजनाओं का अटल सिंचाई योजना के माध्यम से पुनरूद्धार कर रहे हैं। इंद्रावती नदी पर 2,000 करोड़ रुपए की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाएंगे, जिससे 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।

    तेंदूपत्ता संग्राहकों को हम साढ़े पांच हजार रुपए प्रति मानक बोरा की दर से पारिश्रमिक दे रहे हैं। हमने तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए ‘चरण पादुका योजना‘ पुनः प्रारंभ की है।

    सुशासन तिहार के दौरान मुझे ग्रामीणों ने गृह प्रवेश में आमंत्रित किया, हमने उनके सपनों को पूरा किया है, उनके चेहरे की मुस्कान हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है।

    मोदी जी की गारंटी के तहत सबको आवास देने के संकल्प को पूरा करने हम एक दिन भी नहीं रूके। कैबिनेट की पहली ही बैठक में 18 लाख आवास स्वीकृत करने के बाद अब तक 24 लाख 50 हजार घर स्वीकृत कर चुके हैं। प्रदेश में हर दिन औसतन 1600 घर बनाए जा रहे हैं।

    देश के निर्धन परिवारों को समर्पित ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना‘ एवं ‘मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना‘ के माध्यम से 73 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

    हमें माताओं-बहनों का भरपूर आशीर्वाद मिल रहा है। ‘महतारी वंदन योजना‘ के माध्यम से 70 लाख हितग्राही महिलाओं के खाते में अब तक 19 हजार 444 करोड़ रुपए भेजे जा चुके हैं। इससे वे अपनी और बच्चों की छोटी-छोटी जरूरतें पूरी करने के लिए अब आत्मनिर्भर हैं।

    जब प्रधानमंत्री जी ने सेवा तीर्थ में प्रवेश किया, तब उन्होंने देश के समक्ष 6 करोड़ ‘लखपति दीदी‘ बनाने का लक्ष्य रखा था। मुझे खुशी है कि राज्य में 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी‘ बन चुकी हैं।

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की ‘पीएम जनमन योजना‘ से 56 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं। 6 हजार 691 जनजातीय बहुल गांवों में ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान‘ का लाभ पहुंच रहा है।

    ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना‘ से पिछले ढाई सालों में जनजातीय क्षेत्रों में 93 सड़कों का निर्माण पूरा किया गया जो कई सालों से अधूरी थीं। ‘पीएम जनमन योजना‘ से 1788 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण पूरा हुआ है, जो देश में सर्वाधिक है।

    वनाधिकार पत्र प्रदान करने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी है। वारिसों के पट्टों के नामांतरण की प्रक्रिया हमने आरंभ की है। पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हमने टास्क फोर्स का गठन किया है।

    अवैध धर्मांतरण हमारे समाज, विशेष रूप से जनजातीय संस्कृति व सामाजिक ताने-बाने के लिए एक गंभीर चुनौती है। हमने इस पर रोक लगाने ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य कानून‘ लागू किया है।

    स्वामी विवेकानंद कहते थे कि ‘‘मुझे 100 ऊर्जावान युवा दे दीजिए, मैं भारत का रूपांतरण कर दूंगा।‘‘ यह कथन युवा शक्ति पर उनके अटूट विश्वास को व्यक्त करता है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए हम रोजगार से लेकर नवाचार तक अवसरों के नए द्वार खोल रहे हैं।

    प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु हमने ऐतिहासिक सुधार किए हैं। हमने तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों की भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल बनाया है। नियमित रूप से 7 कैटेगरी में भर्ती परीक्षा आयोजित होगी। परीक्षा में अनुचित साधनों तथा नकल को रोकने के लिए भी हमने विधानसभा में सख्त कानून पारित किया है।

    हमने पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती की है। हमने ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल‘ के माध्यम से शिक्षक एवं सहायक शिक्षकों के 3946 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की है। बिजली कम्पनियों में 1235 पदों पर अब तक की सबसे बड़ी भर्ती की जा रही है।

    हमारे एकलव्य एवं प्रयास आवासीय विद्यालय के बच्चे इस वर्ष की नीट परीक्षा में बड़ी संख्या में सफल हुए हैं। नीट, जेईई, क्लैट, रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, पीएससी तथा यूपीएससी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सहयोग देने हम ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एक्जाम योजना‘ आरंभ कर रहे हैं।

    हमने अग्निवीरों के रोजगार के लिए बड़ा निर्णय लिया है। चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।

    हमारी नई औद्योगिक नीति युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमशीलता के नए द्वार खोल रही है। नई नीति में कोर सेक्टर के साथ ही इमर्जिंग सेक्टर को भी विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इसका लाभ युवाओं तक पहुंचाने हम पीएम सेतु के तहत 30 आईटीआई का उन्नयन कर रहे हैं। वर्षाकाल के बाद हम जिला और प्रदेश स्तर पर रोजगार मेलों का आयोजन करेंगे।

    ‘छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति‘ के तहत युवाओं के नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए हमने 100 करोड़ रुपए का स्टार्टअप फंड बनाया है।

    हमारी शैक्षणिक संस्थाएं नये विचारों को प्रोत्साहित करें, नये जमाने के अनुरूप युवाओं को तैयार करें, इसके लिए हमने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अपनाया है। प्रदेश में फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी कैम्पस, निफ्ट, नाइलिट जैसे संस्थान हम लेकर आये हैं।

    इसी सत्र से हम 5 मेडिकल कॉलेज- गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, कवर्धा में आरंभ कर रहे हैं। छह शासकीय इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक कॉलेजों को सीजीआईटी के रूप में विकसित कर रहे हैं।

    हमने 500 करोड़ रुपए के ‘छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन‘ को मंजूरी दी है। इसके तहत 100 एआई डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी। छह लाख विद्यार्थियों एवं डेढ़ लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    वैश्विक मंच पर हमारे राज्य के खिलाड़ी तिरंगा लहरा सकें, इसके लिए हम खेल अधोसंरचना का कायाकल्प कर रहे हैं तथा ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन‘ शुरू कर रहे हैं।

    ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव को हमने डीएसपी के पद पर पदोन्नत करने तथा 30 लाख रुपए की सम्मान राशि देने का निर्णय लिया है। हमने राज्य के 156  उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए शासकीय सेवा के दरवाजे खोल दिए हैं।

    देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी हमें मिली, बढ़िया खेल हुए और यह तय हुआ कि अगले साल छत्तीसगढ़ में ही इन खेलों का आयोजन होगा।

    स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में भी हम तेजी से बढ़ रहे हैं। ‘आयुष्मान योजना‘ के माध्यम से हम राज्य के 91 प्रतिशत लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा दे रहे हैं। हम नवा रायपुर में मेडिसिटी का निर्माण कर रहे हैं, जहां देश के विख्यात अस्पताल अपना कार्य करेंगे।

    स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने से राज्य में संस्थागत प्रसव बढ़कर 96.2 प्रतिशत हो गया है। प्रदेश में 326 संजीवनी एक्सप्रेस तथा 380 महतारी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवाओं के माध्यम से आपात स्थिति में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।

    उद्योगों की सुगमता के लिए हमने ईज आफ डूइंग बिजनेस विधेयक पारित किया है। हमने वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है, जिससे आवश्यक अनुमतियां पोर्टल के माध्यम से तय समय में मिल रही हैं। जनविश्वास अधिनियम के लागू होने से कारोबार अब आसान हो गया है।

    नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निवेशकों को आकर्षित करने हमने देश-दुनिया में इन्वेस्टर कनेक्ट आयोजित किये हैं। इससे हमें अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

    इस नीति के माध्यम से टेक्सटाइल जैसे बड़े पैमाने पर रोजगार देने वाले क्षेत्रों में निवेश हो रहा है। नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई स्विफ्ट टेक्सटाइल का भूमिपूजन हुआ है। इससे 46 सौ से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सकेगा।

    मुंगेली में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड का प्लांट स्थापित किया जाएगा। हम प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने जा रहे हैं।

    हम राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0, नवा रायपुर में फर्नीचर क्लस्टर तथा जांजगीर-चांपा एवं राजनांदगांव में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

    हम देश का पहला एआई एस.ई.जेड. बना रहे हैं। साथ ही एआई डेटा सेंटर भी स्थापित हो रहा है। रायपुर, नवा रायपुर, दुर्ग-भिलाई को लेकर हमने स्टेट कैपिटल रीजन बनाया है।

    भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए उत्पादन, पारेषण और वितरण- तीनों ही मोर्चो पर हम दीर्घकालिक रणनीति बनाकर काम कर रहे हैं। हमने एनर्जी समिट किया, जिसमें 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिन पर काम हो रहा है।

    आर्थिक कठिनाई के कारण कोरोना काल में बहुत से उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाये थे, हमने ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना‘ के माध्यम से 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का 910 करोड़ रुपए का सरचार्ज माफ किया।

    पावर ट्रांसमिशन कंपनी के ढांचागत विस्तार तथा आधुनिक तकनीक को अपनाने हमने आईपीओ लाने का निर्णय लिया है।

    प्रदेश के 90 हजार से अधिक उपभोक्ता ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना‘ का लाभ ले रहे हैं। केंद्र के साथ ही हमारी सरकार द्वारा भी सब्सिडी देने से यह योजना और भी आकर्षक हो गई है।

    भारतमाला सड़कें हमें देश के प्रमुख व्यापारिक केन्द्रों से जोड़ रही हैं। रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे और रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाई देगी। रावघाट-जगदलपुर जैसे रेल नेटवर्क पर काम होने से बस्तर तेजी से प्रगति की दिशा में बढ़ेगा।

    ‘सीजी वायु योजना‘ के माध्यम से हम प्रदेश के सभी प्रमुख हवाई अड्डों में हवाई सेवा का विस्तार कर रहे हैं। राज्य में विमानन प्रशिक्षण का ढांचा खड़ा करने हम फ्लाइंग ट्रेनिंग आर्गेनाइजेशन की स्थापना कर रहे हैं।

    दूरस्थ और पहुंचविहीन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी का विस्तार करने प्रदेश में ढाई सालों में 829 मोबाइल टॉवर स्थापित किये गये हैं। ‘भारतनेट 3.0 योजना‘ के माध्यम से 5 हजार 659 ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ा जाएगा।

    ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना‘ के माध्यम से हम 32 नगर पालिका और नगर पंचायतों में नागरिक जीवन को सुगम और सुरक्षित बनाने कार्य कर रहे हैं।

    अधोसंरचना जरूरतों तथा तेज आर्थिक विकास के लिए काम करने के साथ ही हम पर्यावरण संरक्षण पर भी पूरा ध्यान दे रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के ‘एक पेड़ माँ के नाम अभियान‘ में हम अब तक 7 करोड़ से अधिक पौधे लगा चुके हैं।

    हमारी सरकार अटल जी द्वारा दिखाए सुशासन की राह पर चलती है। हमने पारदर्शी ई-ऑफिस प्रणाली को अपनाया है।

    हमने ‘सीएम हेल्पलाइन 1076‘ आरंभ की है। इसके माध्यम से हमने अब तक 80 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण किया है। ‘सेवा सेतु पोर्टल‘ के माध्यम से शासन की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    हम स्मार्ट पंजीयन कार्यालय बना रहे हैं। रजिस्ट्री में अनेक रिफॉर्म करते हुए हमने ऑटो म्यूटेशन भी लागू किया।

    हमने ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान‘ शुरू किया है, जो जिले ‘नियद नेल्ला नार योजना‘ में शामिल नहीं हैं, उन जिलों में 31 योजनाओं का सेचुरेशन मोड में लाभ दिया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना‘ के प्रारंभ होने से रोजगार एवं विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है। हम आज के इस पावन अवसर पर एक नया अभियान ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ शुरू कर रहे हैं। इसके तहत 6671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे। ‘वीबी-जी राम जी योजना‘ से प्रदेश के 6524 गांवों में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे।

    हमने 7 हजार 524 ग्राम पंचायतों में ‘अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र‘ स्थापित किये हैं, जिनसे ग्रामीणों को डिजिटल एवं बैंकिंग सेवाएं आसानी से मिल पा रही हैं।

    मजबूत कानून-व्यवस्था सुशासन की पहली शर्त है। प्रदेश में नये आपराधिक कानूनों के लागू होने से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। साइबर अपराधों की गंभीर चुनौती से निपटने के लिए राज्य में 9 नए साइबर पुलिस थाने बनाए गए हैं। डायल 112 सेवा पूरे प्रदेश में लागू की गई है।

    हम ‘मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन‘ के जरिए बस्तर तथा सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विकास करेंगे। बस्तर ओलम्पिक, सरगुजा ओलम्पिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने प्रदेश की जनजातीय संस्कृति, खेल और प्राकृतिक सुंदरता को देश-दुनिया तक पहुंचाने का काम किया है। राष्ट्रपति महोदया ने भी बस्तर की जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित कर सम्मानित किया।

    हम चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में तैयार कर रहे हैं और यहां टेंट सिटी का निर्माण कराएंगे। सिरपुर को भी हम विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित कर रहे हैं।

    लोक-संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर है। हमने पद्मविभूषण से सम्मानित लोकगायिका स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई जी की विरासत को सहेजने ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण‘ प्रदान करने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ी सिनेमा के सर्वांगीण विकास हेतु हम ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी‘ का निर्माण कर रहे हैं।

    हमने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। उनके नाम पर राज्य अलंकरण पुरस्कार भी दिया जाएगा।

    आरंग के रीवां में हुए ऐतिहासिक उत्खनन के परिणाम उत्साहित करने वाले हैं। यहां 2750 साल पुरानी मानव बस्ती की खोज हुई है। यह खोज छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक एवं प्राचीन सांस्कृतिक समृद्धि का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

    हमारा सौभाग्य है कि हम ‘रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना‘ के माध्यम से 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन कराने के निमित्त बन सके। ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना‘ से भी हम 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन कराने का निमित्त बने हैं।

    विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ हम सबका सामूहिक लक्ष्य है। ऋग्वेद में मंत्र है –

    ‘‘संगच्छध्वं, सं वदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्‘‘ 

    आइए, इस वैदिक मंत्र के अनुरूप हम सभी मिलकर साथ चलें, मन और विचारों से एक होकर अपने इस उच्चतर लक्ष्य को प्राप्त करें।

    आप सभी को पुनः स्वतंत्रता दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं
    जय हिन्द, जय छत्तीसगढ़।

    स्वतंत्रता दिवस-2026 : माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का स्वतंत्रता दिवस संदेश- पुलिस परेड ग्राउण्ड ,रायपुर- पीडीएफ

    News Desk

    Related Posts

    दंतेवाड़ा जिले में हर्ष और उमंग के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, वन मंत्री केदार कश्यप ने किया ध्वजारोहण….

    August 15, 2026

    कवर्धा में देशभक्ति के उल्लास के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, मंत्री लखन लाल देवांगन ने फहराया तिरंगा, अमर शहीदों के परिजन व 132 कर्मी सम्मानित….

    August 15, 2026

    विभाजनकारी ताकतों से रहें सतर्क, इतिहास से सबक लेकर राष्ट्र की एकता को करें मजबूत : उप मुख्यमंत्री अरुण साव….

    August 15, 2026

    मनेंद्रगढ़ में शान से लहराया तिरंगा, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ली परेड की सलामी…..

    August 15, 2026

    वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ निवास कार्यालय में किया ध्वजारोहण, राष्ट्रध्वज को दी सलामी….

    August 15, 2026

    हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली….

    August 15, 2026
    RO.NO.= 13895/ 146
    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - KHURSHID ALAM
    मोबाइल - 07828272058
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Near Ratan Bhawan Phool Chowk Nayapara,CSEB Road Raipur (C.G.)
    August 2026
    M T W T F S S
     12
    3456789
    10111213141516
    17181920212223
    24252627282930
    31  
    « Jul    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.