गौरी शंकर गुप्ता/रायकेरा/घरघोड़ा। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय रायकेरा में देशभक्ति के पावन पर्व के अवसर पर राज्य शासन, जिला प्रशासन रायगढ़ एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री श्यामानंद साहू के निर्देशानुसार एक भव्य रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
यह आयोजन संस्था के प्राचार्य श्री शैलेंद्र कुमार कर्ण के मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के कार्यक्रम अधिकारी राम कुमार पटेल के कुशल नेतृत्व में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान तथा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर संपन्न हुआ।
कला के माध्यम से उकेरी स्वतंत्रता संग्राम की गाथा
प्रतियोगिता में विद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों एवं छात्र-छात्राओं ने बड़े ही उत्साह और राष्ट्रप्रेम के भाव के साथ भाग लिया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक कला के जरिए तिरंगे की आन-बान-शान, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और ‘वंदे मातरम’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को रंगों और नारों के माध्यम से जीवंत रूप दिया।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं:
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देशभक्ति से सराबोर रंगोलियाँ: छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रीय एकता, समृद्ध भारतीय संस्कृति तथा ‘वंदे मातरम’ के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हुए आकर्षक रंगोलियां तैयार कीं।
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निर्णायक मंडल द्वारा सराहना: शिक्षकों एवं अतिथियों के निर्णायक मंडल ने विद्यार्थियों के कलात्मक कौशल, रंगों के सुंदर संयोजन और दिए गए संदेश की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
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उत्कृष्ट प्रतिभागी हुए पुरस्कृत: प्रतियोगिता के अंत में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित और प्रोत्साहित किया गया।

राष्ट्र ध्वज एवं राष्ट्रगीत हमारे गौरव के प्रतीक: प्राचार्य
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्राचार्य शैलेंद्र कुमार कर्ण ने ‘वंदे मातरम’ के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को राष्ट्र-निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने तथा राष्ट्रीय ध्वज का सदैव सम्मान करने का संदेश दिया। वहीं रासेयो कार्यक्रम अधिकारी रामकुमार पटेल ने कहा कि राष्ट्रध्वज एवं राष्ट्रगीत हमारे राष्ट्रीय गौरव और अखंडता के प्रतीक हैं। ऐसी गतिविधियों से विद्यार्थियों में सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों का विकास होता है।
इस गरिमापूर्ण आयोजन में श्रीमती अलमा सोरेंग, श्रीमती दिव्या माधुरी तिग्गा, खेम सिंह राठिया, गोकुल कुमार नायक, कु. तनुजा यादव, टिकेश प्रधान, श्रीमती स्वाती राजपूत मेहर, दिनेश्वर प्रसाद कुर्रे, श्रीमती सरस्वती पैकरा, कु. श्वेता तिर्की, श्रीमती पद्मावती चेचाम, दशरथ साव, उत्तम कुमार नगेसिया, सुधाकर तिग्गा, विजय साहू, दयासागर देहरी, रुद्र प्रताप पुरसेठ, मुरलीधर साहू, हितेश्वर कुमार निषाद, जग्गू राठिया, रीमा, ललित सिदार सहित समस्त शिक्षक-कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
