गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। नाबालिग पीड़ितों को न्याय दिलाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए रायगढ़ पुलिस ने ‘अभियान संवेदना’ के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में थाना घरघोड़ा पुलिस की विशेष टीम ने पिछले 4 वर्षों (वर्ष 2022) से लापता दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट की पीड़िता को रायगढ़ जिले से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने 11 अगस्त 2026 को पीड़िता की माननीय पॉक्सो न्यायालय के समक्ष उपस्थिति सुनिश्चित करा दी है।
यह मामला माननीय विशेष न्यायाधीश, एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) न्यायालय घरघोड़ा के समक्ष विचाराधीन विशेष पॉक्सो प्रकरण क्रमांक 57/2021 से संबंधित है। थाना घरघोड़ा में दर्ज अपराध क्रमांक 232/2021 में धारा 363, 366, 376 भादवि एवं धारा 4, 6 पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार केस की त्वरित सुनवाई चल रही थी, लेकिन वर्ष 2022 से पीड़िता के अचानक लापता हो जाने और बार-बार समंस जारी होने के बाद भी उपस्थिति न होने से न्यायिक प्रक्रिया बाधित हो रही थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश व डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने रायगढ़ सहित आसपास के जिलों में सघन तलाशी अभियान चलाया। व्यावसायिक परिसरों, फैक्ट्रियों, कोयला खदान क्षेत्रों और स्लम बस्तियों में लगातार की गई मशक्कत के बाद 10 अगस्त 2026 को पीड़िता को ढूंढ निकाला गया। इस सराहनीय कार्रवाई में निरीक्षक कुमार गौरव साहू, आरक्षक दिनेश सिदार (871), आरक्षक प्रदीप तिग्गा (415) और आरक्षक हरीश पटेल (646) की मुख्य भूमिका रही।
इस सफलता पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि नाबालिग पीड़ितों को न्याय दिलाना रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। उन्होंने कहा कि कोई पीड़िता कितने भी वर्षों से लापता हो, उसकी तलाश के प्रयास कभी रुकेंगे नहीं। पीड़िता की गवाही दर्ज होने से अब कोर्ट में विचाराधीन पॉक्सो केस की कार्यवाही को गति मिलेगी और दोषी को कानून के अनुसार सख्त सजा दिलाने की प्रक्रिया मजबूत होगी।
