गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से पुलिसिंग और वैज्ञानिक अनुसंधान की एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज कामयाबी सामने आई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के कुशल निर्देशन में धरमजयगढ़ पुलिस ने ग्राम क्रोंधा देवमारीडांड में बुजुर्ग दंपति की निर्मम हत्या कर शवों को जलाने वाले ‘अंधे कत्ल’ (Blind Murder) की गुत्थी को महज 72 घंटे के भीतर सुलझा लिया है।
इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले दो सगे भाइयों को पुलिस ने दबोच लिया है, जिन्होंने करीब 13 साल पुराने भूमि विवाद के चलते इस वीभत्स घटना की स्क्रिप्ट लिखी थी। मामले का खुलासा करने में खोजी कुतिया ‘रूबी’ और एफएसएल (FSL) की टीम ने सबसे अहम भूमिका निभाई।

क्या था पूरा मामला?
घटना 14-15 जुलाई 2026 की दरमियानी रात की है। ग्राम क्रोंधा निवासी मंगल राठिया (65 वर्ष) और उनकी पत्नी पुनाई बाई राठिया (55 वर्ष) अपने घर पर अकेले थे। 15 जुलाई की सुबह जब उनके घर पर पिछले 3 साल से काम करने वाला मजदूर रामलाल चौहान पहुंचा, तो उसने देखा कि घर के सारे दरवाजे खुले हुए थे और एक कमरे से धुआं निकल रहा था। अंदर जाने पर मंगल और उनकी पत्नी पुनाई बाई के बुरी तरह जले हुए शव पड़े मिले।
घटना की सूचना पर एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी और थाना प्रभारी राजेश जांगड़े सहित भारी पुलिस बल, एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238(बी) और 326(जी) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।
खोजी कुतिया ‘रूबी’ ने हत्यारे को सूंघकर दबोचा
घटनास्थल की बारीकी से जांच करने पर पुलिस को हत्या में इस्तेमाल की गई खून से सनी टांगी (कुल्हाड़ी) मिली। पुलिस ने अपने डॉग स्क्वॉड की स्निफर डॉग ‘रूबी’ को टांगी की गंध सुंघाई। रूबी वहां से सीधे चलते हुए गांव के ही श्याम लाल राठिया के घर के पास जाकर रुक गई।
पुलिस ने जब ह्यूमन इंटेलिजेंस और पुराने रिकॉर्ड खंगाले तो पता चला कि मृतक और श्याम लाल के परिवार के बीच पुराना विवाद चल रहा था। इसी पुख्ता इनपुट के आधार पर पुलिस ने संदेही श्याम लाल राठिया और उसके भाई जीवन लाल राठिया को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
रायगढ़ पुलिस: गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
| क्र.सं. | आरोपी का नाम | उम्र | निवासी | अपराध में भूमिका |
| 1 | श्याम लाल राठिया | 32 वर्ष | ग्राम कोंध्रा, धरमजयगढ़ | मुख्य साजिशकर्ता, टांगी से हमला करने और साक्ष्य मिटाने का दोषी। |
| 2 | जीवन लाल राठिया | 48 वर्ष | ग्राम कोंध्रा, धरमजयगढ़ | सगा भाई, हत्या में बराबर का मददगार और घर में आग लगाने में शामिल। |
वर्ष 2013 की रंजिश: ऐसे दिया वारदात को अंजाम
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि साल 2013 में उन्होंने एक जमीन खरीदी थी। लेकिन मूल मालिक ने अधिक पैसे के लालच में वह जमीन बाद में मृतक मंगल राठिया को बेच दी। हालांकि समझौते के तहत आरोपियों को उनके पैसे वापस मिल गए थे, लेकिन मंगल राठिया ने उसी जमीन पर मकान बनाकर खेती शुरू कर दी थी, जो दोनों भाइयों की आंखों में लगातार खटक रहा था।
इसी रंजिश में 14 जुलाई की रात दोनों भाई टांगी लेकर मंगल के घर घुसे। दरवाजा खुलते ही उन्होंने पहले मंगल राठिया पर ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतारा और फिर चिल्लाने की आवाज सुनकर आई उसकी पत्नी पुनाई बाई को भी बेरहमी से मार डाला। हत्या को शॉर्ट-सर्किट या हादसा दिखाने के लिए आरोपियों ने लाशों पर सोफा कवर और कपड़े डालकर आग लगा दी और दो कमरों को भी फूंक दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) का कड़ा संदेश:
रायगढ़ एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने टीम की पीठ थपथपाते हुए कहा— “आपसी रंजिश या भूमि विवाद का समाधान हमेशा कानून के दायरे में होना चाहिए। क्षणिक आवेश में लिया गया हिंसक निर्णय न केवल निर्दोषों की जान लेता है, बल्कि आरोपी और उसके पूरे परिवार का भविष्य भी बर्बाद कर देता है। अपराध कितना भी सुनियोजित क्यों न हो, वैज्ञानिक विवेचना और सशक्त पुलिसिंग के सामने अपराधी बच नहीं सकते।”
मुस्तैद पुलिसिंग की बड़ी नजीर
धरमजयगढ़ पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने इलाके में कानून व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत किया है। पुलिस ने आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर हत्या में प्रयुक्त टांगी और घटना के वक्त पहने गए खून से सने कपड़े बरामद कर जब्त कर लिए हैं। न्यायालय में पेश करने के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
